Explained: इजराइल से US तक, 10 दिनों में 4 बड़े चुनाव, बदल सकते हैं दुनिया का रुख
27 Oct 2026, 01:42 PM

Explained: इजराइल से US तक, 10 दिनों में 4 बड़े चुनाव, बदल सकते हैं दुनिया का रुख

ABP News
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<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="1">वैश्विक राजनीति में इस वक्त एक दुर्लभ और अभूतपूर्व दौर देखने को मिल रहा है. जहां दुनिया के अलग-अलग कोनों में महज 10 दिनों के भीतर चार महत्वपूर्ण चुनाव हैं. ब्राजील से लेकर सर्बिया, इज़राइल और अमेरिका तक हुए इन चुनावों ने केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की भू-राजनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों की दिशा को मोड़ने का काम किया है. इस दौर को विश्लेषक 'वैश्विक राजनीति के लिए एक निर्णायक मोड़' मान रहे हैं, क्योंकि इन जगहों पर होने वाले या हो चुके चुनावों के नतीजों से यह तय हो रहा है कि आने वाले समय में दुनिया भर में दक्षिणपंथी राष्ट्रवाद मजबूत होगा या फिर उदारवादी और लोकतांत्रिक ताकतें वापसी करेंगी.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="2">आइए विस्तार से समझते हैं कि इन 10 दिनों में किन चार देशों के चुनावों ने दुनिया भर की धुरी को प्रभावित किया है</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="2"><strong>ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव, दक्षिणपंथी ताकतों को बड़ा झटका</strong></p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="5">इस चुनावी चक्र की शुरुआत ब्राजील के राष्ट्रपति पद के रनऑफ चुनाव से हुई. इस मुकाबले में मौजूदा राष्ट्रपति लुइस इनासियो लूला डी सिल्वा ने दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोलसिनारो को हराकर एक ऐतिहासिक और नाटकीय जीत दर्ज की.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,0,0">इस चुनाव परिणाम को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है. लूला की जीत से लैटिन अमेरिका में दक्षिणपंथी उभार और अमेरिकी प्रशासन द्वारा वहां के रूढ़िवादी गुटों को दिए जा रहे समर्थन को करारा झटका लगा है. इसके अलावा, अमेज़ॅन वर्षावन के संरक्षण, पर्यावरण नीतियों और ब्राजील के चीन व अमेरिका के साथ संबंधों पर भी इस चुनाव का गहरा असर पड़ेगा.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,0,0"><strong>सर्बिया के चुनाव: लोकतांत्रिक सुधारों और छात्र आंदोलन की दस्तक</strong></p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="8">यूरोप के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश सर्बिया में हुए चुनावों ने राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक पकड़ को हिलाकर रख दिया है. पिछले दो वर्षों से देश में चल रहे छात्र-नेतृत्व वाले बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए इन चुनावों का मुख्य मुद्दा भ्रष्टाचार, राजनीतिक नियंत्रण और लोकतांत्रिक संस्थानों की स्वतंत्रता रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="9,0,0">सर्बिया के चुनावी परिणाम यह तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं कि देश यूरोपीय संघ (EU) के करीब जाएगा या रूस और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ अपने पारंपरिक संबंधों को कैसे संतुलित करेगा. सर्बियाई जनता का यह संघर्ष दुनिया भर में बढ़ रही राजनीतिक पारदर्शिता की मांग का एक बड़ा उदाहरण बन गया है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="9,0,0"><strong>इज़राइल का आम चुनाव: नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य की अग्निपरीक्षा</strong></p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="11">इज़राइल में 27 अक्टूबर 2026 यानी आज वोटिंग है. यह चुनाव बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक अस्तित्व पर जनमत संग्रह माना जा रहा हैं. लगभग 19 वर्षों तक देश की सत्ता संभालने वाले नेतन्याहू इस चुनाव में अपने दक्षिणपंथी गठबंधन और मध्यमार्गी विपक्षी दलों (जैसे गादी आइसेनकोट और नफ्ताली बेनेट के नेतृत्व वाले गुट) के बीच कड़े मुकाबले में फंसे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="12,0,0">मध्य-पूर्व के लगातार सुलगते संघर्ष, ईरान के साथ तनाव, 7 अक्टूबर की सुरक्षा विफलताओं की जांच और देश की न्यायिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर हो रहे इन चुनावों के नतीजे पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा नीति को प्रभावित करेंगे. </p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="12,0,0"><strong>अमेरिका के मध्यावधि चुनाव, राष्ट्रपति ट्रंप के एजेंडे की परीक्षा</strong></p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="14">इस 10 दिवसीय चुनावी महाकुंभ का समापन अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के साथ होगा. अमेरिका में 3 नवंबर को चुनाव होगा. इन चुनावों से यह तय होता है कि अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के दोनों सदनों पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा. डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन पार्टी के बीच चल रही इस रस्साकशी से राष्ट्रपति <a title="डोनाल्ड ट्रंप" href="https://www.abplive.com/topic/donald-trump" data-type="interlinkingkeywords">डोनाल्ड ट्रंप</a> के प्रशासन के शेष कार्यकाल की दिशा तय हो रही है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="15,0,0">अमेरिकी संसद में सत्ता का संतुलन बदलने से राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेशों, विधाई रणनीतियों और घरेलू नीतियों पर कड़ा नियंत्रण या लंबी संवैधानिक खींचतान देखने को मिल सकती है. अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति है, इसलिए इसके आंतरिक राजनीतिक समीकरणों का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, अमेरिकी विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर पड़ता है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="15,0,0"><strong>क्या बदल रही है दुनिया की तस्वीर?</strong></p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="18">ब्राजील से लेकर अमेरिका तक फैले इन चार चुनावों का यह 10 दिवसीय चक्र इस बात का प्रमाण है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोकतंत्र, सुरक्षा, आर्थिक संकट और वैचारिक संघर्ष एक ही समय में चरम पर हैं. एक तरफ जहां दक्षिणपंथी और राष्ट्रवाद समर्थक ताकतें अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ नागरिक समाज, छात्र आंदोलन और विपक्षी दल लोकतांत्रिक जवाबदेही और बदलाव के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं. अब सभी की निगाहें अमेरिका और इजराइल में होने वाले चुनाव के नतीजों पर टिकी है.</p>
Source Credit: abplive.com
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