01 Nov 2026, 09:18 PM
Gaming Smartphone : गेमिंग फोन में क्यों दिए जाते हैं ज्यादा RAM और हाई रिफ्रेश रेट? जानें वजह
ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Gaming Smartphone : </strong>ऑनलाइन गेम्स ने मोबाइल गेमिंग को एक अलग पहचान दी है. अब यूजर्स गेम खेलते समय सिर्फ अच्छे ग्राफिक्स के साथ बिना रुकावट चलने वाला गेमप्ले, तेज रिस्पॉन्स और लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने की सुविधा भी चाहते हैं. यही वजह है कि गेमिंग स्मार्टफोन में सामान्य फोन के मुकाबले ज्यादा RAM, पावरफुल प्रोसेसर और हाई रिफ्रेश रेट वाली स्क्रीन दी जाती है. ये फीचर्स सिर्फ गेम खेलने के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के अलावा लेड फोन यूज भी काम आते हैं. तो आइए जानते हैं कि गेमिंग फोन में क्यों ज्यादा RAM और हाई रिफ्रेश रेट दिए जाते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ज्यादा RAM देने की क्या है वजह?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गेमिंग के दौरान स्मार्टफोन को एक साथ कई तरह के काम करने पड़ते हैं. गेम के ग्राफिक्स, बैकग्राउंड प्रोसेस और दूसरे जरूरी ऑपरेशन को संभालने के लिए फोन की RAM जरूरी भूमिका निभाती है. यही कारण है कि गेमिंग फोन में सामान्य स्मार्टफोन की तुलना में ज्यादा RAM दी जाती है. ज्यादा RAM होने से गेम खेलते समय दूसरी ऐप्स के बीच स्विच करना आसान होता है. वीडियो देखना, एडिटिंग करना और एक साथ कई ऐप्स चलाना भी ज्यादा स्मूद हो सकता है. वहीं कम RAM वाले फोन में समय के साथ बैकग्राउंड ऐप्स बंद होने और बार-बार दोबारा लोड होने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गेमिंग फोन में हाई रिफ्रेश रेट क्यों मिलता है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">स्क्रीन एक सेकेंड में कितनी बार अपनी तस्वीर बदलती है, इसी को रिफ्रेश रेट कहा जाता है. इसे हर्ट्ज (Hz) में मापा जाता है. 60Hz वाली स्क्रीन एक सेकेंड में 60 बार और 120Hz वाली स्क्रीन 120 बार तस्वीर को अपडेट करती है. गेमिंग स्मार्टफोन में आमतौर पर 120Hz, 144Hz या इससे ज्यादा रिफ्रेश रेट वाली स्क्रीन दी जाती है. इससे गेम खेलते समय तेजी से बदलने वाले सीन और कैरेक्टर की मूवमेंट ज्यादा साफ और स्मूद नजर आती है. इसका फायदा सिर्फ गेमिंग में ही नहीं, बल्कि फोन में स्क्रॉलिंग करने और स्क्रीन पर टच करने के दौरान भी मिलता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें -</strong> <a href="https://www.abplive.com/technology/best-games-of-2026-with-stunning-graphics-and-powerful-gameplay-3208940">Best Games 2026: शानदार ग्राफिक्स और दमदार गेमप्ले का कॉम्बिनेशन, ये हैं 2026 के बेस्ट गेम्स</a></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तेज गेमिंग के लिए क्यों जरूरी है हाई रिफ्रेश रेट?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">तेज एक्शन वाले गेम्स में स्क्रीन पर होने वाली हलचल को साफ देख पाना जरूरी होता है. हाई रिफ्रेश रेट से विजुअल लैग कम महसूस होता है और गेमप्ले ज्यादा स्मूद बनता है. इसके साथ हाई टच सैंपलिंग रेट मिलने पर उंगली के टच और स्क्रीन के रिस्पॉन्स के बीच देरी भी कम हो सकती है, हालांकि हर गेम हाई रिफ्रेश रेट का पूरा फायदा नहीं उठा पाता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें -</strong><a href="https://www.abplive.com/photo-gallery/technology/why-colors-of-usb-ports-indicate-speed-know-why-usb-c-port-differences-3208924"> USB Port Colors : USB पोर्ट के रंग क्यों बताते हैं स्पीड? USB-C में क्यों नहीं दिखता ये फर्क</a></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ज्यादा RAM देने की क्या है वजह?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">गेमिंग के दौरान स्मार्टफोन को एक साथ कई तरह के काम करने पड़ते हैं. गेम के ग्राफिक्स, बैकग्राउंड प्रोसेस और दूसरे जरूरी ऑपरेशन को संभालने के लिए फोन की RAM जरूरी भूमिका निभाती है. यही कारण है कि गेमिंग फोन में सामान्य स्मार्टफोन की तुलना में ज्यादा RAM दी जाती है. ज्यादा RAM होने से गेम खेलते समय दूसरी ऐप्स के बीच स्विच करना आसान होता है. वीडियो देखना, एडिटिंग करना और एक साथ कई ऐप्स चलाना भी ज्यादा स्मूद हो सकता है. वहीं कम RAM वाले फोन में समय के साथ बैकग्राउंड ऐप्स बंद होने और बार-बार दोबारा लोड होने जैसी दिक्कतें आ सकती हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>गेमिंग फोन में हाई रिफ्रेश रेट क्यों मिलता है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">स्क्रीन एक सेकेंड में कितनी बार अपनी तस्वीर बदलती है, इसी को रिफ्रेश रेट कहा जाता है. इसे हर्ट्ज (Hz) में मापा जाता है. 60Hz वाली स्क्रीन एक सेकेंड में 60 बार और 120Hz वाली स्क्रीन 120 बार तस्वीर को अपडेट करती है. गेमिंग स्मार्टफोन में आमतौर पर 120Hz, 144Hz या इससे ज्यादा रिफ्रेश रेट वाली स्क्रीन दी जाती है. इससे गेम खेलते समय तेजी से बदलने वाले सीन और कैरेक्टर की मूवमेंट ज्यादा साफ और स्मूद नजर आती है. इसका फायदा सिर्फ गेमिंग में ही नहीं, बल्कि फोन में स्क्रॉलिंग करने और स्क्रीन पर टच करने के दौरान भी मिलता है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें -</strong> <a href="https://www.abplive.com/technology/best-games-of-2026-with-stunning-graphics-and-powerful-gameplay-3208940">Best Games 2026: शानदार ग्राफिक्स और दमदार गेमप्ले का कॉम्बिनेशन, ये हैं 2026 के बेस्ट गेम्स</a></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तेज गेमिंग के लिए क्यों जरूरी है हाई रिफ्रेश रेट?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">तेज एक्शन वाले गेम्स में स्क्रीन पर होने वाली हलचल को साफ देख पाना जरूरी होता है. हाई रिफ्रेश रेट से विजुअल लैग कम महसूस होता है और गेमप्ले ज्यादा स्मूद बनता है. इसके साथ हाई टच सैंपलिंग रेट मिलने पर उंगली के टच और स्क्रीन के रिस्पॉन्स के बीच देरी भी कम हो सकती है, हालांकि हर गेम हाई रिफ्रेश रेट का पूरा फायदा नहीं उठा पाता है.&nbsp;</p>
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Source Credit: abplive.com
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