जीआरएमसी में एमबीबीएस में 250 हुईं सीटें, हॉस्टल पड़े कम
Gwalior, Madhya Pradesh 29 Sep 2026, 03:50 AM

जीआरएमसी में एमबीबीएस में 250 हुईं सीटें, हॉस्टल पड़े कम

Patrika
@patrika
ग्वालियर . गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) में एमबीबीएस की सीटों की संख्या 200 से बढकर 250 तो हो गई है, लेकिन शासन और प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते उस अनुपात में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं हो सका है। आलम यह है कि कॉलेज में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन छात्रों और छात्राओं के रहने के लिए पर्याप्त हॉस्टल ही नहीं हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए अब कॉलेज प्रबंधन को मजबूरी में बंद पड़े पुराने सीनियर गल्र्स हॉस्टल को रिनोवेट कराकर शुरू करना पड़ रहा है।शासन स्तर से नहीं मिली हॉस्टल निर्माण की मंजूरी : सूत्रों के अनुसार डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के निर्देशों के बाद जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व शासन को लगभग एक हजार करोड़ रुपए के विकास प्रस्ताव भेजे थे। इन प्रस्तावों में नए हॉस्टल और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण भी शामिल था, लेकिन सरकार और शासन स्तर से अब तक इन प्रस्तावों को हरी झंडी नहीं मिली है। यदि समय रहते इन प्रस्तावों को स्वीकृति मिल जाती, तो आज छात्राओं को कंडम या पुराने भवनों में रहने की नौबत नहीं आती।डीन ने व्यवस्थाओं को देखाबढ़ती समस्या को देखते हुए जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ अचानक सीनियर गल्र्स हॉस्टल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्हें कई कमरों की खिड़कियों पर टूटी हुई जालियां और जर्जर स्थिति मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अस्पताल प्रबंधक डॉ. अनिल मेवाफरोश को तुरंत जालियां बदलवाने, कमरों की रंगाई-पुताई कराने और अन्य जरूरी मेंटेनेंस कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए ताकि बाहर से आने वाली छात्राओं को ठहराया जा सके।रिनोवेशन करा रहे हैं&एमबीबीएस की 250 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लेना शुरू कर दिया है। चूंकि हमारे पास नए छात्रावासों की संख्या सीमित है, इसलिए पुराने सीनियर गल्र्स हॉस्टल को तैयार कराकर शुरू कराया जा रहा है।डॉ. आरकेएस धाकड़, डीन, जीआरएमसी
Source Credit: patrika.com
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