27 Oct 2026, 11:43 PM
Cyclone Arnab: तिरुपति दर्शन पर जा रहे हैं? चक्रवात अर्नब के बीच घाट रोड पर सावधानी, जानें क्या है स्थिति
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;"><strong>Cyclone Arnab Tirupati Update: </strong>बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान &lsquo;अर्नब&rsquo; के कारण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग <strong>(IMD)</strong> के अनुसार <strong>28 अक्टूबर</strong> की सुबह तक चक्रवात के तट से टकराने की संभावना है, जिसके असर से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है.</p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप इस दौरान भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए तिरुपति या तिरुमाला की यात्रा का विचार कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले जमीनी हालात और सुरक्षा दिशा-निर्देशों को समझ लेना बेहद जरूरी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/cvEaLc-Q4ro" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"> </iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>घाट रोड और पैदल रास्तों की स्थिति:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पहाड़ी भूगोल की वजह से तेज बारिश के दौरान तिरुमाला जाने वाले रास्ते जोखिम भरे हो जाते हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम <strong>(TTD)</strong> ने <strong>26 अक्टूबर</strong> को घाट रोड बंद करने की घोषणा की थी. भारी बारिश में भूस्खलन और जलजमाव की आशंका बढ़ जाती है. इसलिए बिना आधिकारिक पुष्टि के सफर शुरू न करें. इसके अलावा अलिपिरी और श्रीवारी मेट्टू जैसे पैदल मार्गों पर भी फिसलन और सुरक्षा कारणों से पाबंदियां लग सकती हैं. किसी भी वैकल्पिक या असुरक्षित रास्ते से ऊपर चढ़ने का जोखिम बिल्कुल न लें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दर्शन व्यवस्था और परिवहन पर असर:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मंदिर परिसर में दर्शन की प्रक्रिया चालू हो सकती है, लेकिन वहां तक पहुंचने वाले मार्ग बाधित होने पर दर्शन कर पाना आसान नहीं होगा. अगर आपने पहले से स्लॉट बुक कराया है, तो <strong>TTD</strong> के आधिकारिक पोर्टल पर रिशेड्यूलिंग और टिकट से जुड़ी ताजा गाइडलाइंस जांच लें.</p>
<p style="text-align: justify;">इधर, खराब मौसम के चलते दक्षिण तटीय रेल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है और <strong>27-28 अक्टूबर</strong> के बीच दर्जनों ट्रेनों के संचालन में बदलाव या रद्दीकरण देखा गया है. तिरुपति जाने वाली उड़ानों के समय में भी फेरबदल संभव है. इसलिए रेलवे के नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम <strong>(NTES)</strong> और संबंधित एयरलाइंस की वेबसाइट पर अपने टिकट की स्थिति जांचने के बाद ही घर से कदम आगे बढ़ाएं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>श्रद्धालुओं के लिए व्यावहारिक सुझाव:-</strong></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>TTD</strong> और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक चैनलों से घाट रोड और मंदिर दर्शन के ताज़ा बुलेटिन देखते रहें.</li>
<li>परिवार में अगर बुजुर्ग और छोटे बच्चे साथ हैं, तो खुले में लंबे इंतज़ार और पैदल चढ़ाई से बचें.</li>
<li>रेनकोट, जरूरी दवाइयां, वाटरप्रूफ बैग और पावर बैंक जैसी आवश्यक चीजें साथ रखें.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">आस्था अपनी जगह सर्वोपरि है, लेकिन सुरक्षित यात्रा ही दर्शन को सुखद बनाती है. अगर यात्रा बहुत अनिवार्य न हो, तो <a title="मौसम" href="https://www.abplive.com/weather" data-type="interlinkingkeywords">मौसम</a> साफ होने और रास्ते पूरी तरह सुचारू होने तक सफर टाल देना ही सबसे समझदारी भरा निर्णय होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.<br /></strong></p>
<p style="text-align: justify;">अगर आप इस दौरान भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए तिरुपति या तिरुमाला की यात्रा का विचार कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले जमीनी हालात और सुरक्षा दिशा-निर्देशों को समझ लेना बेहद जरूरी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/cvEaLc-Q4ro" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"> </iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>घाट रोड और पैदल रास्तों की स्थिति:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">पहाड़ी भूगोल की वजह से तेज बारिश के दौरान तिरुमाला जाने वाले रास्ते जोखिम भरे हो जाते हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम <strong>(TTD)</strong> ने <strong>26 अक्टूबर</strong> को घाट रोड बंद करने की घोषणा की थी. भारी बारिश में भूस्खलन और जलजमाव की आशंका बढ़ जाती है. इसलिए बिना आधिकारिक पुष्टि के सफर शुरू न करें. इसके अलावा अलिपिरी और श्रीवारी मेट्टू जैसे पैदल मार्गों पर भी फिसलन और सुरक्षा कारणों से पाबंदियां लग सकती हैं. किसी भी वैकल्पिक या असुरक्षित रास्ते से ऊपर चढ़ने का जोखिम बिल्कुल न लें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दर्शन व्यवस्था और परिवहन पर असर:</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मंदिर परिसर में दर्शन की प्रक्रिया चालू हो सकती है, लेकिन वहां तक पहुंचने वाले मार्ग बाधित होने पर दर्शन कर पाना आसान नहीं होगा. अगर आपने पहले से स्लॉट बुक कराया है, तो <strong>TTD</strong> के आधिकारिक पोर्टल पर रिशेड्यूलिंग और टिकट से जुड़ी ताजा गाइडलाइंस जांच लें.</p>
<p style="text-align: justify;">इधर, खराब मौसम के चलते दक्षिण तटीय रेल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है और <strong>27-28 अक्टूबर</strong> के बीच दर्जनों ट्रेनों के संचालन में बदलाव या रद्दीकरण देखा गया है. तिरुपति जाने वाली उड़ानों के समय में भी फेरबदल संभव है. इसलिए रेलवे के नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम <strong>(NTES)</strong> और संबंधित एयरलाइंस की वेबसाइट पर अपने टिकट की स्थिति जांचने के बाद ही घर से कदम आगे बढ़ाएं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>श्रद्धालुओं के लिए व्यावहारिक सुझाव:-</strong></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>TTD</strong> और स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक चैनलों से घाट रोड और मंदिर दर्शन के ताज़ा बुलेटिन देखते रहें.</li>
<li>परिवार में अगर बुजुर्ग और छोटे बच्चे साथ हैं, तो खुले में लंबे इंतज़ार और पैदल चढ़ाई से बचें.</li>
<li>रेनकोट, जरूरी दवाइयां, वाटरप्रूफ बैग और पावर बैंक जैसी आवश्यक चीजें साथ रखें.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">आस्था अपनी जगह सर्वोपरि है, लेकिन सुरक्षित यात्रा ही दर्शन को सुखद बनाती है. अगर यात्रा बहुत अनिवार्य न हो, तो <a title="मौसम" href="https://www.abplive.com/weather" data-type="interlinkingkeywords">मौसम</a> साफ होने और रास्ते पूरी तरह सुचारू होने तक सफर टाल देना ही सबसे समझदारी भरा निर्णय होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.<br /></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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