Uttar Pradesh
09 Oct 2026, 10:20 PM
मीरजापुर-विन्ध्याचल, मुजफ्फरनगर में विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए 115 करोड़ रुपये मंजूर
ABP News
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<p>मुख्यमंत्री <a title="योगी आदित्यनाथ" href="https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath" data-type="interlinkingkeywords">योगी आदित्यनाथ</a> की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में नए शहरों के समग्र एवं सुनियोजित विकास को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. कैबिनेट ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत मीरजापुर-विन्ध्याचल और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए कुल 115 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है.</p>
<p>वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए शहरों के समग्र एवं समुचित विकास के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, मीरजापुर-विन्ध्याचल और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 164.87 करोड़ रुपये की धनराशि अनुमन्य की गई है. इसमें से पहली किस्त के रूप में 115 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति देते हुए धनराशि अवमुक्त करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है.&nbsp;</p>
<p>इस योजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में सुनियोजित एवं सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने के साथ बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है. शासन ने 6 अप्रैल 2023 को इस योजना को लागू किया था. इसके तहत नए शहरों के विकास के लिए भूमि अर्जन पर होने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार की ओर से सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराने का प्रावधान है. यह सहायता अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए दी जा सकती है.</p>
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<p>वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए शहरों के समग्र एवं समुचित विकास के लिए 3,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, मीरजापुर-विन्ध्याचल और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की परियोजनाओं के लिए सीड कैपिटल के रूप में अधिकतम 164.87 करोड़ रुपये की धनराशि अनुमन्य की गई है. इसमें से पहली किस्त के रूप में 115 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति देते हुए धनराशि अवमुक्त करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है.&nbsp;</p>
<p>इस योजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में सुनियोजित एवं सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने के साथ बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है. शासन ने 6 अप्रैल 2023 को इस योजना को लागू किया था. इसके तहत नए शहरों के विकास के लिए भूमि अर्जन पर होने वाले व्यय का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार की ओर से सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराने का प्रावधान है. यह सहायता अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए दी जा सकती है.</p>
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Source Credit: abplive.com
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