29 Oct 2026, 10:12 AM
SIR के दौरान 6 राज्यों में 1,600 संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान का दावा, जानें पूरा मामला
ABP News
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<p style="text-align: justify;">भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने की तरफ से जारी SIR में कई अवैध विदेशी लोगों का नाम शामिल आने की बात सामने आई है. ये SIR का काम 6 राज्यों में पूरा हो चुका है और कहीं-कहीं जारी भी है. इस दौरान अब तक पहचाने गए संदिग्ध विदेशी नागरिकों की संख्या 1600 पहुंच गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">HT की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 1600 लोगों का सामने आया है उनकी संख्या कुल मतदाताओं की संख्या के मुकाबले बहुत कम है. 6 राज्यों में रहने वाले मतदाताओं की संख्या 9.86 करोड़ है.</p>
<p style="text-align: justify;">राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि कर्नाटक में जहां SIR के तहत अंतिम मतदाता सूची से 99.7 लाख नाम हटाए गए हैं, अधिकारियों ने 716 विदेशी नागरिकों की पहचान की है जिन्हें सूची से हटाया जाना है. इनमें बेंगलुरु उत्तर के 545 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार ने पुष्टि की कि विदेशी नागरिकों की पहचान की गई है. &nbsp;उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हां, हमने विदेशियों की पहचान की है. उनकी संख्या निश्चित रूप से 1,000 से कम है." चुनाव अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कन्नड़ में 40 विदेशी नागरिकों की पहचान की गई. इनमें नेपाल के 17, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के 6-6, कनाडा के 5, ब्रिटेन के 2, और नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, आयरलैंड तथा नॉर्वे के 1-1 नागरिक शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">उत्तर कन्नड़ में 22 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें नेपाल, पाकिस्तान, अमेरिका और बांग्लादेश के नागरिक शामिल थे. जिला निर्वाचन अधिकारी टी.के. स्वरूप ने पत्रकारों को बताया कि उडुपी में नेपाल, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा सहित कई देशों के 47 विदेशी नागरिकों की पहचान की गई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>SIR को लेकर CEO का बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">SIR प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, "कुछ लोगों के पास मतदाता पहचान पत्र तो थे लेकिन सत्यापन के दौरान वे अन्य दस्तावेज, जैसे स्कूल के प्रमाण पत्र या संपत्ति के रिकॉर्ड, पेश नहीं कर सके." HT ने 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) से बात की, जहां SIR पूरा हो चुका है या ड्राफ्ट रोल जारी किया जा चुका है. इनमें से 11 राज्यों के अधिकारियों ने जवाब दिया. 6 राज्यों ने संदिग्ध विदेशियों की संख्या बताई, जबकि चार ने कहा कि वे ऐसा कोई डेटा नहीं रखते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/jjWu6SukABc?si=378psc25cNxz-P7V" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe>&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">HT की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 1600 लोगों का सामने आया है उनकी संख्या कुल मतदाताओं की संख्या के मुकाबले बहुत कम है. 6 राज्यों में रहने वाले मतदाताओं की संख्या 9.86 करोड़ है.</p>
<p style="text-align: justify;">राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि कर्नाटक में जहां SIR के तहत अंतिम मतदाता सूची से 99.7 लाख नाम हटाए गए हैं, अधिकारियों ने 716 विदेशी नागरिकों की पहचान की है जिन्हें सूची से हटाया जाना है. इनमें बेंगलुरु उत्तर के 545 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार ने पुष्टि की कि विदेशी नागरिकों की पहचान की गई है. &nbsp;उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हां, हमने विदेशियों की पहचान की है. उनकी संख्या निश्चित रूप से 1,000 से कम है." चुनाव अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कन्नड़ में 40 विदेशी नागरिकों की पहचान की गई. इनमें नेपाल के 17, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के 6-6, कनाडा के 5, ब्रिटेन के 2, और नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, आयरलैंड तथा नॉर्वे के 1-1 नागरिक शामिल हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">उत्तर कन्नड़ में 22 ऐसे मामले सामने आए, जिनमें नेपाल, पाकिस्तान, अमेरिका और बांग्लादेश के नागरिक शामिल थे. जिला निर्वाचन अधिकारी टी.के. स्वरूप ने पत्रकारों को बताया कि उडुपी में नेपाल, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा सहित कई देशों के 47 विदेशी नागरिकों की पहचान की गई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>SIR को लेकर CEO का बयान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">SIR प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, "कुछ लोगों के पास मतदाता पहचान पत्र तो थे लेकिन सत्यापन के दौरान वे अन्य दस्तावेज, जैसे स्कूल के प्रमाण पत्र या संपत्ति के रिकॉर्ड, पेश नहीं कर सके." HT ने 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) से बात की, जहां SIR पूरा हो चुका है या ड्राफ्ट रोल जारी किया जा चुका है. इनमें से 11 राज्यों के अधिकारियों ने जवाब दिया. 6 राज्यों ने संदिग्ध विदेशियों की संख्या बताई, जबकि चार ने कहा कि वे ऐसा कोई डेटा नहीं रखते हैं.</p>
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Source Credit: abplive.com
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