शारदीय नवरात्रि 2026: तुला राशि में शुक्र के अस्त होने पर भी खरीदारी रहेगी शुभ, बन रहा 58 साल बाद दुर्लभ महासंयोग
11 Oct 2026, 07:32 PM

शारदीय नवरात्रि 2026: तुला राशि में शुक्र के अस्त होने पर भी खरीदारी रहेगी शुभ, बन रहा 58 साल बाद दुर्लभ महासंयोग

ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="1"><strong>Sharadiya Navratri 2026:</strong> शारदीय नवरात्रि की शुरुआत ग्रह-नक्षत्रों के अत्यंत शुभ संयोग में हो रही है. इस बार नवरात्रि के दौरान शुक्र ग्रह के अस्त होने के बावजूद शुभ कार्यों, मांगलिक अनुष्ठानों और खरीदारी पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा. धर्म शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि का प्रत्येक दिन स्वयं सिद्ध और अबूझ मुहूर्त माना जाता है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="2">पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान (जयपुर - जोधपुर) के निदेशक, भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्लेषक <strong data-path-to-node="2" data-index-in-node="87">डॉ. अनीष व्यास</strong> के अनुसार, इस दौरान बनने वाले ग्रहों के दुर्लभ संयोग अधिकांश लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे.</p>
<h2 style="text-align: justify;" data-path-to-node="4">11 से 20 अक्टूबर तक पूरे 9 दिन का महापर्व, हाथी पर होगा माता का आगमन</h2>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="5">डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे. इस बार किसी भी तिथि का क्षय नहीं होने के कारण नवरात्रि पूरे 9 दिनों की होगी.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,0,0"><strong data-path-to-node="6,0,0" data-index-in-node="0">घटस्थापना:</strong> रविवार को चित्रा नक्षत्र में कलश स्थापना होगी.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,1,0"><strong data-path-to-node="6,1,0" data-index-in-node="0">माता की सवारी:</strong> श्रीमद् देवी भागवत के अनुसार, रविवार से नवरात्रि प्रारंभ होने पर देवी दुर्गा का वाहन गज (हाथी) होता है. ज्योतिष में हाथी पर देवी का आगमन सुख-समृद्धि, आर्थिक उन्नति और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना गया है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="6,2,0"><strong data-path-to-node="6,2,0" data-index-in-node="0">अबूझ मुहूर्त:</strong> नवरात्रि का प्रत्येक दिन तथा 10वां दिन अबूझ मुहूर्त के रूप में मान्य है. मां भगवती की उपासना से शुक्र ग्रह के सभी दोष समाप्त होते हैं, जिससे इस दौरान वस्त्र, आभूषण, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और गृह-उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी निर्बाध रूप से शुभ रहेगी.</p>
<h2 style="text-align: justify;" data-path-to-node="8">तुला राशि में 14 दिन अस्त रहेंगे शुक्र</h2>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="9">ज्योतिषीय गणना के अनुसार:</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li data-path-to-node="10,0,0">शुक्र ग्रह 14 अक्टूबर को रात 1:20 बजे अपनी स्वराशि <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> में वक्री अवस्था में अस्त होंगे.</li>
<li data-path-to-node="10,1,0">इसके बाद 28 अक्टूबर को सुबह 7:35 बजे शुक्र का पुन: उदय होगा.</li>
<li data-path-to-node="10,2,0">करीब 14 दिनों तक अस्त रहने के बावजूद नवरात्रि की दिव्यता के कारण नवीन प्रतिष्ठान, व्यापार आरंभ और खरीदारी के मुहूर्त पूरी तरह मान्य रहेंगे.</li>
</ul>
<h2 style="text-align: justify;" data-path-to-node="12">सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और रवि योग की तिथियां</h2>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="13">नवरात्रि के 9 दिनों में साधना-उपासना के साथ-साथ भूमि, भवन, वाहन और सोने-<a title="चांदी" href="https://www.abplive.com/silver-prices" data-type="interlinkingkeywords">चांदी</a> की खरीदारी के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं:</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="14,0,0"><strong data-path-to-node="14,0,0" data-index-in-node="0">13 अक्टूबर:</strong> रवि योग</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="14,1,0"><strong data-path-to-node="14,1,0" data-index-in-node="0">14 अक्टूबर:</strong> अमृत सिद्धि योग</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="14,2,0"><strong data-path-to-node="14,2,0" data-index-in-node="0">16 अक्टूबर:</strong> रवि योग</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="14,3,0"><strong data-path-to-node="14,3,0" data-index-in-node="0">17 अक्टूबर:</strong> रवि योग</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="14,4,0"><strong data-path-to-node="14,4,0" data-index-in-node="0">18 अक्टूबर:</strong> सर्वार्थ सिद्धि योग</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="14,5,0"><strong data-path-to-node="14,5,0" data-index-in-node="0">19 अक्टूबर:</strong> सर्वार्थ सिद्धि योग</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="15">सर्वार्थ सिद्धि योग नए व्यापार, नौकरी, अनुबंध और मूल्यवान वस्तुओं की खरीद के लिए श्रेष्ठ माना जाता है. वहीं, अमृत सिद्धि योग बड़ी कारोबारी डील्स और आजीविका से संबंधित कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी है.</p>
<h2 style="text-align: justify;" data-path-to-node="17">58 साल बाद गजकेसरी योग और 30 साल बाद शश राजयोग का संयोग</h2>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="18,0,0"><strong data-path-to-node="18,0,0" data-index-in-node="0">गजकेसरी योग:</strong> नवरात्रि के पहले दिन सूर्योदय के समय हस्त नक्षत्र और शुक्ल योग का प्रभाव रहेगा. गुरु और चंद्रमा के केंद्र संबंध से बनने वाला गजकेसरी योग ज्ञान, प्रतिष्ठा और निर्णय क्षमता को बढ़ाता है. ऐसा संयोग करीब 58 साल बाद बन रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="18,1,0"><strong data-path-to-node="18,1,0" data-index-in-node="0">शश राजयोग:</strong> शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में स्थित हैं, जिससे पंच महापुरुष योगों में शामिल 'शश राजयोग' का निर्माण हो रहा है. करीब 30 साल बाद नवरात्रि में बना यह योग स्थिरता, न्याय और दीर्घकालिक सफलता प्रदान करता है.</p>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="18,2,0"><strong data-path-to-node="18,2,0" data-index-in-node="0">सूर्य-गुरु संबंध:</strong> देवगुरु बृहस्पति और सूर्य के बीच बनने वाला शुभ संबंध आध्यात्मिक उन्नति, मंत्र जाप और साधना के लिए सर्वोत्तम वातावरण तैयार करेगा.</p>
<h4 class="abp-article-title" style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/religion/shardiya-navratri-2026-kalash-sthapana-shubh-muhurat-date-rules-3198694">Shardiya Navratri 2026: 11 अक्टूबर से शुरू हो रही शारदीय नवरात्रि, स्थापना के साथ होगा मातामह श्राद्ध; जानें घटस्थापना मुहूर्त और नियम</a></h4>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
Read Full Story
1

Comments (0)

Login to join the conversation