25 Oct 2026, 07:50 PM
Sharad Purnima 2026: आज आपके शहर में कब निकलेगा चांद? जानें चंद्रदर्शन का महत्व और अर्घ्य देने की विधि
ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Sharad Purnima 2026 Moonrise Time:</strong> शरद पूर्णिमा पर खीर रखने की तैयारी के साथ चंद्रपूजन का भी विधान है. आज रविवार, 25 अक्टूबर की शाम श्रद्धालु चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देंगे और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करेंगे. दिल्ली और नोएडा में चंद्रोदय शाम करीब 5 बजे होगा, जबकि लखनऊ, पटना और कोलकाता में चांद इससे पहले निकलेगा. चंद्रदर्शन और अर्घ्य के लिए लक्ष्मी पूजा के मध्यरात्रि वाले समय का इंतजार जरूरी नहीं है.&nbsp;</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा पर चंद्रदर्शन का क्या महत्व है?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">धार्मिक मान्यता में शरद पूर्णिमा का चंद्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण माना गया है. इन कलाओं को पूर्णता और गुणों के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. इसी विश्वास से इस रात चंद्रदर्शन, चंद्रपूजन और चांदनी में खीर रखने की परंपरा जुड़ी है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">श्रद्धालु चंद्रदेव को अर्घ्य देकर शीतलता, सौम्यता और परिवार के मंगल की प्रार्थना करते हैं. लोकपरंपरा में इस रात चंद्रमा की किरणों से &lsquo;अमृत बरसने&rsquo; की बात भी कही जाती है. यह धार्मिक विश्वास है; इसे चांदनी से किसी बीमारी के ठीक होने की गारंटी नहीं समझना चाहिए.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>आज आपके शहर में कितने बजे निकलेगा चांद?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">25 अक्टूबर 2026 के लिए शहरवार चंद्रोदय का समय नीचे दिया गया है. सभी समय भारतीय मानक समय में हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शहर चंद्रोदय का समय</strong><br />दिल्ली शाम 5:00 बजे<br />नोएडा शाम 5:00 बजे<br />लखनऊ शाम 4:47 बजे<br />पटना शाम 4:31 बजे<br />जयपुर शाम 5:08 बजे<br />भोपाल शाम 5:05 बजे<br />मुंबई शाम 5:28 बजे<br />कोलकाता शाम 4:21 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली सहित अन्य शहरों के समय शहरवार सूची पर आधारित हैं. <a title="नोएडा" href="https://www.abplive.com/topic/noida-news" data-type="interlinkingkeywords">नोएडा</a> और <a title="लखनऊ" href="https://www.abplive.com/topic/lucknow" data-type="interlinkingkeywords">लखनऊ</a> के समय का स्थानीय पंचांग से भी मिलान किया गया है. अलग-अलग गणनाओं में एक-दो मिनट का अंतर संभव है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">चंद्रोदय का समय चांद के क्षितिज से ऊपर आने का समय है. ऊंची इमारतों, बादलों या धुंध के कारण आपके घर से वह कुछ देर बाद दिखाई दे सकता है. इसलिए निर्धारित समय पर चांद न दिखे तो इसे पंचांग की गलती न मानें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">खीर रखने के अलावा कैसे करें चंद्रपूजा?</h3>
<p style="text-align: justify;">शाम को पूजा के लिए साफ स्थान चुनें, जहां से चंद्रमा दिखाई देता हो. एक स्वच्छ पात्र में जल रखें. जिन परिवारों में दूध मिला जल अर्पित करने की परंपरा है, वे उसी पद्धति का पालन कर सकते हैं. चंद्रोदय के बाद दर्शन करके चंद्रदेव को अर्घ्य दें. शरद पूर्णिमा पर जल या दूध मिश्रित जल अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इसके बाद दीपक जलाकर प्रणाम करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें. चाहें तो सरल नाममंत्र &lsquo;ॐ सोमाय नमः&rsquo; का जप करें. फल या घर में तैयार प्रसाद अर्पित कर सकते हैं. पूजा की सामग्री और विधि में अपनी पारिवारिक परंपरा का ध्यान रखें.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>क्या अर्घ्य आधी रात में ही देना चाहिए?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">चंद्रमा को अर्घ्य और कोजागरी लक्ष्मी पूजा के निशिता काल को एक ही समय न समझें. चंद्रदर्शन के बाद अर्घ्य दिया जा सकता है, जबकि लक्ष्मी पूजा संध्या या रात्रि में परिवार की प्रचलित पद्धति के अनुसार होती है. शरद पूर्णिमा की कथा सुनना, भजन और रात्रि जागरण भी कई घरों में इस पर्व का हिस्सा हैं.</p>
<h4 class="abp-article-title" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/religion/aaj-ka-panchang-25-october-2026-sharad-purnima-moonrise-puja-time-3206302">Aaj Ka Panchang 25 October 2026: शरद पूर्णिमा आज, शाम 5 बजे निकलेगा चांद, जानें पूजा और खीर रखने का समय</a></strong></h4>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="0,5,0"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>शरद पूर्णिमा पर चंद्रदर्शन का क्या महत्व है?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">धार्मिक मान्यता में शरद पूर्णिमा का चंद्रमा सोलह कलाओं से पूर्ण माना गया है. इन कलाओं को पूर्णता और गुणों के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. इसी विश्वास से इस रात चंद्रदर्शन, चंद्रपूजन और चांदनी में खीर रखने की परंपरा जुड़ी है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">श्रद्धालु चंद्रदेव को अर्घ्य देकर शीतलता, सौम्यता और परिवार के मंगल की प्रार्थना करते हैं. लोकपरंपरा में इस रात चंद्रमा की किरणों से &lsquo;अमृत बरसने&rsquo; की बात भी कही जाती है. यह धार्मिक विश्वास है; इसे चांदनी से किसी बीमारी के ठीक होने की गारंटी नहीं समझना चाहिए.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>आज आपके शहर में कितने बजे निकलेगा चांद?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">25 अक्टूबर 2026 के लिए शहरवार चंद्रोदय का समय नीचे दिया गया है. सभी समय भारतीय मानक समय में हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शहर चंद्रोदय का समय</strong><br />दिल्ली शाम 5:00 बजे<br />नोएडा शाम 5:00 बजे<br />लखनऊ शाम 4:47 बजे<br />पटना शाम 4:31 बजे<br />जयपुर शाम 5:08 बजे<br />भोपाल शाम 5:05 बजे<br />मुंबई शाम 5:28 बजे<br />कोलकाता शाम 4:21 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली सहित अन्य शहरों के समय शहरवार सूची पर आधारित हैं. <a title="नोएडा" href="https://www.abplive.com/topic/noida-news" data-type="interlinkingkeywords">नोएडा</a> और <a title="लखनऊ" href="https://www.abplive.com/topic/lucknow" data-type="interlinkingkeywords">लखनऊ</a> के समय का स्थानीय पंचांग से भी मिलान किया गया है. अलग-अलग गणनाओं में एक-दो मिनट का अंतर संभव है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">चंद्रोदय का समय चांद के क्षितिज से ऊपर आने का समय है. ऊंची इमारतों, बादलों या धुंध के कारण आपके घर से वह कुछ देर बाद दिखाई दे सकता है. इसलिए निर्धारित समय पर चांद न दिखे तो इसे पंचांग की गलती न मानें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">खीर रखने के अलावा कैसे करें चंद्रपूजा?</h3>
<p style="text-align: justify;">शाम को पूजा के लिए साफ स्थान चुनें, जहां से चंद्रमा दिखाई देता हो. एक स्वच्छ पात्र में जल रखें. जिन परिवारों में दूध मिला जल अर्पित करने की परंपरा है, वे उसी पद्धति का पालन कर सकते हैं. चंद्रोदय के बाद दर्शन करके चंद्रदेव को अर्घ्य दें. शरद पूर्णिमा पर जल या दूध मिश्रित जल अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इसके बाद दीपक जलाकर प्रणाम करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें. चाहें तो सरल नाममंत्र &lsquo;ॐ सोमाय नमः&rsquo; का जप करें. फल या घर में तैयार प्रसाद अर्पित कर सकते हैं. पूजा की सामग्री और विधि में अपनी पारिवारिक परंपरा का ध्यान रखें.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>क्या अर्घ्य आधी रात में ही देना चाहिए?</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">चंद्रमा को अर्घ्य और कोजागरी लक्ष्मी पूजा के निशिता काल को एक ही समय न समझें. चंद्रदर्शन के बाद अर्घ्य दिया जा सकता है, जबकि लक्ष्मी पूजा संध्या या रात्रि में परिवार की प्रचलित पद्धति के अनुसार होती है. शरद पूर्णिमा की कथा सुनना, भजन और रात्रि जागरण भी कई घरों में इस पर्व का हिस्सा हैं.</p>
<h4 class="abp-article-title" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/religion/aaj-ka-panchang-25-october-2026-sharad-purnima-moonrise-puja-time-3206302">Aaj Ka Panchang 25 October 2026: शरद पूर्णिमा आज, शाम 5 बजे निकलेगा चांद, जानें पूजा और खीर रखने का समय</a></strong></h4>
<p style="text-align: justify;" data-path-to-node="0,5,0"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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