03 Nov 2026, 08:58 PM
Rahu Ketu Gochar 2026: 25 नवंबर को बदलेगी राहु-केतु की चाल, इन राशियों की चमकेगी किस्मत
ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Rahu Ketu Gochar 2026: </strong>वैदिक ज्योतिष में छाया ग्रह राहु और केतु का राशि परिवर्तन हमेशा से बड़े बदलावों का कारण माना जाता है. साल 2026 के अंत में दोनों ग्रह अपनी धुरी बदल रहे हैं. गणना के आधार पर <strong>25 नवंबर 2026</strong> और पंचांग भेद के अनुसार <strong>5 दिसंबर 2026</strong> को राहु कुंभ राशि से निकलकर शनि की राशि मकर में प्रवेश करेंगे, वहीं केतु सिंह राशि से निकलकर चंद्रमा के आधिपत्य वाली कर्क राशि में गोचर करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">मकर और कर्क अक्ष <strong>(Capricorn-Cancer Axis)</strong> पर होने वाला यह महागोचर अगले 18 महीनों यानी <strong>जून 2028</strong> तक प्रभावी रहेगा. मकर राशि कर्म, सामाजिक प्रतिष्ठा और भौतिक महत्वाकांक्षा से जुड़ी है, जबकि कर्क राशि भावना, परिवार और मानसिक शांति का प्रतिनिधित्व करती है. आइए जानते हैं कि इस गोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इसके दुष्प्रभाव से बचने के उपाय क्या हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/HT0bHTAjhV8" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सभी 12 राशियों पर राहु-केतु गोचर का विस्तृत प्रभाव:</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="मेष" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/aries-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">मेष</a> राशि:</strong> राहु आपके दशम भाव (कर्म) में आ रहे हैं. कार्यक्षेत्र में अप्रत्याशित तरक्की और नया पद मिल सकता है. चतुर्थ भाव में केतु होने के कारण घरेलू जीवन और माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वृषभ राशि:</strong> नवम भाव (भाग्य) में राहु के प्रभाव से रुके हुए काम गति पकड़ेंगे. लंबी दूरी की यात्राएं और विदेश जाने के अवसर बनेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मिथुन राशि:</strong> अष्टम भाव में राहु और द्वितीय भाव में केतु अचानक धन लाभ या पैतृक संपत्ति दिला सकते हैं. हालांकि, अपनी वाणी और खान-पान में संयम बरतना जरूरी होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्क राशि:</strong> आपकी लग्न राशि में केतु का आगमन आपको आत्म-चिंतन और अध्यात्म से जोड़ेगा. सप्तम भाव में राहु के प्रभाव के कारण दांपत्य जीवन व व्यापारिक साझेदारी में गलतफहमी से बचें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सिंह राशि:</strong> छठे भाव में राहु शत्रुओं और कानूनी मामलों में विजय दिलाएंगे. व्यापार में विरोधियों पर आपका दबदबा रहेगा और अटके काम पूरे होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कन्या राशि:</strong> पंचम भाव में राहु बौद्धिक क्षमता और रचनात्मकता को विस्तार देंगे. छात्रों को नए विषयों में सफलता मिलेगी, पर प्रेम संबंधों में किसी भी तरह के भ्रम से बचें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> राशि:</strong> चतुर्थ भाव में राहु भूमि, भवन या नया वाहन खरीदने के योग बनाएंगे. मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान और प्राणायाम का सहारा लें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वृश्चिक राशि:</strong> तीसरे भाव में राहु पराक्रम और साहस में वृद्धि करेंगे. छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और सोच-समझकर लिए गए साहसिक व्यापारिक निर्णय बड़ा मुनाफा देंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>धनु राशि:</strong> द्वितीय भाव में राहु संचित धन को प्रभावित कर सकते हैं. आर्थिक निवेश बहुत सतर्क होकर करें और बिना सोचे-समझे किसी को बड़ा वित्तीय वादा न करें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मकर राशि:</strong> राहु आपकी ही राशि में आ रहे हैं. महत्वाकांक्षाएं बढ़ेंगी और समाज में नई पहचान बनेगी, किंतु अत्यधिक जल्दबाजी या मानसिक भटकाव से बचना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कुंभ राशि:</strong> द्वादश भाव में राहु विदेश यात्रा और नए संपर्कों के रास्ते खोलेंगे, लेकिन बिना योजना के खर्च और कानूनी उलझनों से बचने के लिए बजट नियंत्रित रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मीन राशि:</strong> एकादश भाव (लाभ) में राहु का गोचर आय के नए स्रोत बनाएगा. लंबे समय से रुकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राहु-केतु के नेगेटिव प्रभाव कम करने के अचूक उपाय:</strong></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>शिव आराधना:</strong> प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध या शुद्ध जल अर्पित करें. महामृत्युंजय मंत्र का जप राहु और केतु दोनों के दोष शांत करता है.</li>
<li><strong>बीज मंत्र जप:</strong> शनिवार की शाम को राहु बीज मंत्र ॐ रां राहवे नमः और केतु मंत्र ॐ कें केतवे नमः का 108 बार जप करें.</li>
<li><strong>सप्तधान्य अर्पण:</strong> रोज सुबह पक्षियों को सात प्रकार का मिला-जुला अनाज डालें.</li>
<li><strong>शनिवार दान:</strong> शनिवार को जरूरतमंदों को काले तिल, साबुत उड़द की दाल या ऊनी कंबल दान करें.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.<br /></strong></p>
<p style="text-align: justify;">मकर और कर्क अक्ष <strong>(Capricorn-Cancer Axis)</strong> पर होने वाला यह महागोचर अगले 18 महीनों यानी <strong>जून 2028</strong> तक प्रभावी रहेगा. मकर राशि कर्म, सामाजिक प्रतिष्ठा और भौतिक महत्वाकांक्षा से जुड़ी है, जबकि कर्क राशि भावना, परिवार और मानसिक शांति का प्रतिनिधित्व करती है. आइए जानते हैं कि इस गोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इसके दुष्प्रभाव से बचने के उपाय क्या हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/HT0bHTAjhV8" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सभी 12 राशियों पर राहु-केतु गोचर का विस्तृत प्रभाव:</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="मेष" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/aries-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">मेष</a> राशि:</strong> राहु आपके दशम भाव (कर्म) में आ रहे हैं. कार्यक्षेत्र में अप्रत्याशित तरक्की और नया पद मिल सकता है. चतुर्थ भाव में केतु होने के कारण घरेलू जीवन और माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वृषभ राशि:</strong> नवम भाव (भाग्य) में राहु के प्रभाव से रुके हुए काम गति पकड़ेंगे. लंबी दूरी की यात्राएं और विदेश जाने के अवसर बनेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मिथुन राशि:</strong> अष्टम भाव में राहु और द्वितीय भाव में केतु अचानक धन लाभ या पैतृक संपत्ति दिला सकते हैं. हालांकि, अपनी वाणी और खान-पान में संयम बरतना जरूरी होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कर्क राशि:</strong> आपकी लग्न राशि में केतु का आगमन आपको आत्म-चिंतन और अध्यात्म से जोड़ेगा. सप्तम भाव में राहु के प्रभाव के कारण दांपत्य जीवन व व्यापारिक साझेदारी में गलतफहमी से बचें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सिंह राशि:</strong> छठे भाव में राहु शत्रुओं और कानूनी मामलों में विजय दिलाएंगे. व्यापार में विरोधियों पर आपका दबदबा रहेगा और अटके काम पूरे होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कन्या राशि:</strong> पंचम भाव में राहु बौद्धिक क्षमता और रचनात्मकता को विस्तार देंगे. छात्रों को नए विषयों में सफलता मिलेगी, पर प्रेम संबंधों में किसी भी तरह के भ्रम से बचें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a> राशि:</strong> चतुर्थ भाव में राहु भूमि, भवन या नया वाहन खरीदने के योग बनाएंगे. मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान और प्राणायाम का सहारा लें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वृश्चिक राशि:</strong> तीसरे भाव में राहु पराक्रम और साहस में वृद्धि करेंगे. छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और सोच-समझकर लिए गए साहसिक व्यापारिक निर्णय बड़ा मुनाफा देंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>धनु राशि:</strong> द्वितीय भाव में राहु संचित धन को प्रभावित कर सकते हैं. आर्थिक निवेश बहुत सतर्क होकर करें और बिना सोचे-समझे किसी को बड़ा वित्तीय वादा न करें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मकर राशि:</strong> राहु आपकी ही राशि में आ रहे हैं. महत्वाकांक्षाएं बढ़ेंगी और समाज में नई पहचान बनेगी, किंतु अत्यधिक जल्दबाजी या मानसिक भटकाव से बचना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कुंभ राशि:</strong> द्वादश भाव में राहु विदेश यात्रा और नए संपर्कों के रास्ते खोलेंगे, लेकिन बिना योजना के खर्च और कानूनी उलझनों से बचने के लिए बजट नियंत्रित रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मीन राशि:</strong> एकादश भाव (लाभ) में राहु का गोचर आय के नए स्रोत बनाएगा. लंबे समय से रुकी हुई इच्छाएं पूरी होंगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>राहु-केतु के नेगेटिव प्रभाव कम करने के अचूक उपाय:</strong></p>
<ul style="text-align: justify;">
<li><strong>शिव आराधना:</strong> प्रतिदिन शिवलिंग पर कच्चा दूध या शुद्ध जल अर्पित करें. महामृत्युंजय मंत्र का जप राहु और केतु दोनों के दोष शांत करता है.</li>
<li><strong>बीज मंत्र जप:</strong> शनिवार की शाम को राहु बीज मंत्र ॐ रां राहवे नमः और केतु मंत्र ॐ कें केतवे नमः का 108 बार जप करें.</li>
<li><strong>सप्तधान्य अर्पण:</strong> रोज सुबह पक्षियों को सात प्रकार का मिला-जुला अनाज डालें.</li>
<li><strong>शनिवार दान:</strong> शनिवार को जरूरतमंदों को काले तिल, साबुत उड़द की दाल या ऊनी कंबल दान करें.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.<br /></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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