Khandwa, Madhya Pradesh
21 Sep 2026, 01:35 PM
मशीन और लकड़ी का खर्च बराकर…इस लिए 50 लाख के शवदाह गृह की बजाए लोग परंपरागत कर रहे अंत्येष्टि
Patrika
@patrika
हरिशचंद्र मुक्ति केंद्र में शवदाह गृह और लकड़ी का खर्च बराकर है। इस लिए लोग परंपरागत अंत्येष्टि कर रहे हैं। दोनों पर खर्च बराबर होने के कारण लोगों ने 50 लाख के शवदाह गृह से बनाई दूरी बना ली है। एक साल में मशीन से सिर्फ 3 अंत्येष्टि हुईं। जबकि बाकी परिवारों ने परंपरागत चिता को चुना।
Source Credit: patrika.com
Read Full Story
2
Comments (0)