महोबा: सामूहिक विवाह योजना में 95 जोड़ों ने रचाई शादी, एक मुस्लिम जोड़े का भी निकाह
Uttar Pradesh 16 Oct 2026, 12:47 PM

महोबा: सामूहिक विवाह योजना में 95 जोड़ों ने रचाई शादी, एक मुस्लिम जोड़े का भी निकाह

ABP News
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<p style="text-align: justify;">महोबा में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर गरीब परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई. प्राकृतिक आपदा से परेशान किसानों और आर्थिक तंगी से जूझ रहे माता-पिता के लिए यह योजना बड़ी राहत बनकर आई. समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में 95 जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की, जिसमें एक मुस्लिम जोड़े का निकाह भी शामिल रहा.</p>
<p style="text-align: justify;">शारदीय नवरात्र का यह पावन पर्व महोबा के दर्जनों गरीब परिवारों के जीवन में एक नई रोशनी लेकर आया है. एक तरफ जहां बे<a title="मौसम" href="https://www.abplive.com/weather" data-type="interlinkingkeywords">मौसम</a> बारिश और आपदा से किसानों की फसलें बर्बाद होने का भारी संकट था, वहीं दूसरी तरफ घर की बेटी के हाथ पीले करने की चिंता माता-पिता की रातों की नींद उड़ा रही थी. ऐसे कठिन समय में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' इन परिवारों के लिए संबल बनकर सामने आई. </p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/states/up-uk/uttarakhand-minister-rekha-arya-accused-her-husband-of-assault-and-plotting-murder-ann-3202712">उत्तराखंड: मंत्री रेखा आर्या ने पति पर लगाए मारपीट, हत्या की साज़िश के आरोप, FIR दर्ज</a></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;">95 जोड़ों ने लिए सात फेरे</h3>
<p style="text-align: justify;">समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में कुल 95 जोड़ों ने सात फेरे लिए, तो वहीं एक मुस्लिम जोड़े का रीति-रिवाज के साथ निकाह भी कराया गया. इस दौरान जिला प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके मंगलमय भविष्य की कामना की. </p>
<p style="text-align: justify;">इस योजना का लाभ मिलने के बाद दुल्हनों और उनके परिजनों के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था. दुल्हन बनी उमा ने भावुक होते हुए कहा कि इस योजना से गरीब बेटियों और उनके माता-पिता को बहुत बड़ा सहारा दिया है. पहले शादियों के लिए कर्ज लेना पड़ता था और दहेज, खान-पान की चिंता में माता-पिता की पूरी जिंदगी कर्ज के बोझ तले दब जाती थी. लेकिन, अब इस योजना से उन्हें इस बड़ी चिंता से मुक्ति मिल गई है.</p>
<p style="text-align: justify;">छह बहनों में से एक संजेश ने नम आंखों से बताया कि माता-पिता हमारी शादियों की फिक्र में हमेशा परेशान रहते थे लेकिन, इस योजना ने हमारे परिवार का बहुत बड़ा बोझ हल्का कर दिया है. इस दौरान सभी परिवार और नए नवेले शादीशुदा जोड़े काफी ख़ुश नजर आए.  </p>
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Source Credit: abplive.com
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