21 Oct 2026, 03:36 PM
जॉर्जिया मेलोनी का एक्शन, इटली के Gen-Z प्रदर्शनकारियों पर चलेगा केस, मां-बाप से होगी वसूली
ABP News
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<p style="text-align: justify;">इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मिलान में हिंसक प्रदर्शनों और लूटपाट के बाद सुरक्षा कड़ी करने के लिए नए उपायों का ऐलान किया है. सरकार साल के अंत तक मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगी और नाबालिगों के उपद्रव से हुए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता से कराई जाएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">सरकार साल के अंत तक मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगी और नाबालिगों के उपद्रव से हुए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता से कराई जाएगी.&nbsp; नई योजना के तहत 14 साल से अधिक उम्र के नाबालिगों पर मुकदमा चलाना आसान होगा, जबकि हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों को 5 साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक जुर्माना हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>10 लाख यूरो का हुआ नुकसान</strong><br />शनिवार को मिलान में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की, संपत्तियों में आग लगाई और पुलिस से झड़प की, जिससे करीब 10 लाख यूरो का नुकसान हुआ.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आदेश पारित किए</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा, ''हम सभी ने वीकेंड के दौरान मिलान और इटली के अन्य शहरों में हुई हिंसा की तस्वीरें देखी हैं. दुकानों को लूटा गया, खिड़कियां तोड़ी गईं और सुरक्षा बलों पर हमले किए गए. ये ऐसे दृश्य हैं जिन्हें किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता और न ही कोई इन्हें कम करके आंकने या सही ठहराने के बारे में सोच सकता है. इसी वजह से आज मंत्रिपरिषद ने इस हिंसा को रोकने और इससे निपटने के लिए नए उपायों वाला एक आदेश पारित किया है.''</p>
<p style="text-align: justify;">''ये उपाय हाल के महीनों में मंजूर किए गए कदमों के साथ जुड़ गए हैं. इनमें बायोमेट्रिक पहचान (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भी) शामिल है, ताकि नकाब या हुड के पीछे छिपने वालों की पहचान की जा सके.''</p>
<p style="text-align: justify;">चौराहों पर विरोध-प्रदर्शन करने वाले ये लोग कौन थे? ये वही हमेशा से उपद्रवी रहने वाले गुट थे, जो हर जुलूस में झगड़ा करने का मौका तलाशते हैं. लेकिन इस बार उनके साथ कुछ नया भी था. सैकड़ों बहुत कम उम्र के युवा, जिनमें से कई नाबालिग थे, जो सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखकर छोटे-छोटे समूहों में वहां पहुंचे थे. ये ऐसे बच्चे थे जो तोड़फोड़ करने, चोरी करने और ऐसा करते हुए खुद का वीडियो बनाने के लिए सड़कों पर उतरे थे. यह एक ऐसी प्रवृत्ति है जिस पर हमें गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दूसरों के लिए नकल करने का उदाहरण न बन जाएं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/world/us-foreign-minister-marco-rubio-remark-on-pakistan-relations-related-to-nuclear-weapons-3204648">पाकिस्तान से बात किए बिना क्यों नहीं रह सकता अमेरिका? रूबियो के जवाब ने चौंकाया</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;">सरकार साल के अंत तक मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगी और नाबालिगों के उपद्रव से हुए नुकसान की भरपाई उनके माता-पिता से कराई जाएगी.&nbsp; नई योजना के तहत 14 साल से अधिक उम्र के नाबालिगों पर मुकदमा चलाना आसान होगा, जबकि हिंसक प्रदर्शन में शामिल लोगों को 5 साल तक की जेल और 20 हजार यूरो तक जुर्माना हो सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>10 लाख यूरो का हुआ नुकसान</strong><br />शनिवार को मिलान में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की, संपत्तियों में आग लगाई और पुलिस से झड़प की, जिससे करीब 10 लाख यूरो का नुकसान हुआ.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आदेश पारित किए</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा, ''हम सभी ने वीकेंड के दौरान मिलान और इटली के अन्य शहरों में हुई हिंसा की तस्वीरें देखी हैं. दुकानों को लूटा गया, खिड़कियां तोड़ी गईं और सुरक्षा बलों पर हमले किए गए. ये ऐसे दृश्य हैं जिन्हें किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता और न ही कोई इन्हें कम करके आंकने या सही ठहराने के बारे में सोच सकता है. इसी वजह से आज मंत्रिपरिषद ने इस हिंसा को रोकने और इससे निपटने के लिए नए उपायों वाला एक आदेश पारित किया है.''</p>
<p style="text-align: justify;">''ये उपाय हाल के महीनों में मंजूर किए गए कदमों के साथ जुड़ गए हैं. इनमें बायोमेट्रिक पहचान (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भी) शामिल है, ताकि नकाब या हुड के पीछे छिपने वालों की पहचान की जा सके.''</p>
<p style="text-align: justify;">चौराहों पर विरोध-प्रदर्शन करने वाले ये लोग कौन थे? ये वही हमेशा से उपद्रवी रहने वाले गुट थे, जो हर जुलूस में झगड़ा करने का मौका तलाशते हैं. लेकिन इस बार उनके साथ कुछ नया भी था. सैकड़ों बहुत कम उम्र के युवा, जिनमें से कई नाबालिग थे, जो सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखकर छोटे-छोटे समूहों में वहां पहुंचे थे. ये ऐसे बच्चे थे जो तोड़फोड़ करने, चोरी करने और ऐसा करते हुए खुद का वीडियो बनाने के लिए सड़कों पर उतरे थे. यह एक ऐसी प्रवृत्ति है जिस पर हमें गंभीरता से ध्यान देना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दूसरों के लिए नकल करने का उदाहरण न बन जाएं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://www.abplive.com/news/world/us-foreign-minister-marco-rubio-remark-on-pakistan-relations-related-to-nuclear-weapons-3204648">पाकिस्तान से बात किए बिना क्यों नहीं रह सकता अमेरिका? रूबियो के जवाब ने चौंकाया</a></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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