17 Oct 2026, 04:22 PM
UGC का ओदश, IIT BHU में एडमिशन से पहले छात्रों को देना होगा ड्रग टेस्ट
ABP News
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<p style="text-align: justify;">आईआईटी बीएचयू, वाराणसी में नए एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए अब एक नया नियम लागू होने जा रहा है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के निर्देशों का पालन करते हुए संस्थान ने नए छात्रों का यूरिन बेस्ट ड्रग टेस्ट कराने का फैसला किया है. इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित और इस पर निगरानी करने के लिए आईआईटी बीएचयू प्रशासन ने पहली बार 9 सदस्यीय समिति का गठन किया है. यह कदम उच्च शिक्षण संस्थान जैसे आईआईटी और आईआईएम में नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम और कैंपस को नशा मुक्त बनाने की दिशा में उठाया गया है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">संस्थान के उप रजिस्ट्रार की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार यह जांच प्रक्रिया सभी नए एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित है. इसमें बीटेक और इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री के छात्र एमटेक और एम, फार्मा के छात्र और पीएचडी के रिसर्चर शामिल होंगे. छात्र आंकड़ों के अनुसार आईआईटी बीएचयू में हर साल बीटेक और डुअल डिग्री में लगभग 1500, एमटेक में करीब 400 और पीएचडी में लगभग 300 नए रिसर्चर का रजिस्ट्रेशन होता है. इस पहल से यह सभी नए छात्र इसके दायरे में आएंगे.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किसकी देखरेख में होगी जांच?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ड्रग यूरिन टेस्टिंग की पूरी निगरानी के लिए गठित 9 सदस्य पैनल में आईआईटी बीएचयू के फैकल्टी मेंबर्स के साथ-साथ बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ डॉक्टरों को भी शामिल किया गया है. &nbsp;इस समिति की अध्यक्षता प्रोफेसर राजेश कुमार करेंगे. यह कल्याण विभाग के अध्यक्ष हैं. वहीं दूसरे सदस्यों में प्रोफेसर देवेंद्र सिंह प्रोफेसर, मेधा झा, प्रोफेसर अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर अजीत कुमार मिश्रा, प्रोफेसर किरण गिरी, डॉक्टर दीपा रानी, प्रोफेसर कमलेश पलुंदरकर और तुषार कुमार शामिल है. &nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.abplive.com/education/mcc-releases-neet-pg-seat-matrix-with-13522-aiq-md-ms-seats-3202751">NEET PG काउंसलिंग 2026 का सीट मैट्रिक्स जारी, जानें किस कोटे में कितनी सीटें</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>छात्रों की सहमति होगी जरूरी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार इस जांच प्रक्रिया में छात्रों की लिखित पूर्ण सहमति एक जरूरी पहलू होगा. किसी भी छात्र का टेस्ट करने से पहले उसकी सहमति ली जाना अनिवार्य होगी. हालांकि फिलहाल जारी की गई, सूचना में सहमति प्राप्त करने की विस्तृत प्रक्रिया, जांच की समय सारणी और अगर किसी छात्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी इसे लेकर गाइडलाइंस जारी नहीं की गई है. वहीं इस टेस्ट में 6 तरह के ड्रग्स की जांच होगी, जिसमें गांजा, कोकीन, हीरोइन, अफीम जैसे नशे शामिल है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों पड़ी है डोप टेस्ट की जरूरत?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">देशभर के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों को नशा मुक्त वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी समय-समय पर नियमों में बदलाव करता है. आईआईटी बीएचयू की ओर से कमेटी का गठन इसी दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.abplive.com/education/navodaya-vidyalaya-admission-2027-class-9-and-11-last-date-extended-3202813">नवोदय विद्यालय में 9वीं और 11वीं के लिए बढ़ी लास्ट डेट, 22 अक्टूबर तक भरें फॉर्म</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;">संस्थान के उप रजिस्ट्रार की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार यह जांच प्रक्रिया सभी नए एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित है. इसमें बीटेक और इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री के छात्र एमटेक और एम, फार्मा के छात्र और पीएचडी के रिसर्चर शामिल होंगे. छात्र आंकड़ों के अनुसार आईआईटी बीएचयू में हर साल बीटेक और डुअल डिग्री में लगभग 1500, एमटेक में करीब 400 और पीएचडी में लगभग 300 नए रिसर्चर का रजिस्ट्रेशन होता है. इस पहल से यह सभी नए छात्र इसके दायरे में आएंगे.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>किसकी देखरेख में होगी जांच?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ड्रग यूरिन टेस्टिंग की पूरी निगरानी के लिए गठित 9 सदस्य पैनल में आईआईटी बीएचयू के फैकल्टी मेंबर्स के साथ-साथ बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ डॉक्टरों को भी शामिल किया गया है. &nbsp;इस समिति की अध्यक्षता प्रोफेसर राजेश कुमार करेंगे. यह कल्याण विभाग के अध्यक्ष हैं. वहीं दूसरे सदस्यों में प्रोफेसर देवेंद्र सिंह प्रोफेसर, मेधा झा, प्रोफेसर अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डॉक्टर अजीत कुमार मिश्रा, प्रोफेसर किरण गिरी, डॉक्टर दीपा रानी, प्रोफेसर कमलेश पलुंदरकर और तुषार कुमार शामिल है. &nbsp;</p>
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<p style="text-align: justify;"><strong>छात्रों की सहमति होगी जरूरी?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार इस जांच प्रक्रिया में छात्रों की लिखित पूर्ण सहमति एक जरूरी पहलू होगा. किसी भी छात्र का टेस्ट करने से पहले उसकी सहमति ली जाना अनिवार्य होगी. हालांकि फिलहाल जारी की गई, सूचना में सहमति प्राप्त करने की विस्तृत प्रक्रिया, जांच की समय सारणी और अगर किसी छात्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी इसे लेकर गाइडलाइंस जारी नहीं की गई है. वहीं इस टेस्ट में 6 तरह के ड्रग्स की जांच होगी, जिसमें गांजा, कोकीन, हीरोइन, अफीम जैसे नशे शामिल है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्यों पड़ी है डोप टेस्ट की जरूरत?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">देशभर के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों को नशा मुक्त वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी समय-समय पर नियमों में बदलाव करता है. आईआईटी बीएचयू की ओर से कमेटी का गठन इसी दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.abplive.com/education/navodaya-vidyalaya-admission-2027-class-9-and-11-last-date-extended-3202813">नवोदय विद्यालय में 9वीं और 11वीं के लिए बढ़ी लास्ट डेट, 22 अक्टूबर तक भरें फॉर्म</a></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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