07 Nov 2026, 09:43 PM
Indoor Drying Clothes: बंद कमरे में कपड़े सुखाना पड़ सकता है भारी! इन बीमारियों को दे रहे न्योता
ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>How To Prevent Moisture When Drying Clothes Inside:</strong> सर्दियों का <a title="मौसम" href="https://www.abplive.com/weather" data-type="interlinkingkeywords">मौसम</a> एक आम घरेलू समस्या भी लेकर आता है कपड़ों को घर के अंदर सुखाना. बाहर धूप कम होती है, बारिश या कोहरा बना रहता है, ऐसे में लोग मजबूरी में कपड़े कमरे के अंदर ही टांग देते हैं. यह तरीका भले ही आसान और आरामदायक लगे, लेकिन धीरे-धीरे यह घर के माहौल को नम बना देता है, जो आगे चलकर सेहत के लिए खतरा बन सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, जब आप गीले कपड़े कमरे के अंदर सुखाते हैं, तो उनमें मौजूद पानी भाप बनकर हवा में मिल जाता है. अगर घर में अच्छी वेंटिलेशन नहीं है, तो यह नमी बाहर नहीं निकल पाती और कमरे के अंदर ही जमा होने लगती है. आजकल घरों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि गर्मी बाहर न जाए और बिजली की बचत हो, लेकिन इसी वजह से हवा का आवागमन भी सीमित हो जाता है. नतीजा यह होता है कि नमी ठंडी दीवारों और कोनों में जमा होकर फफूंदी का रूप ले लेती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या निकला रिसर्च में?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह समस्या सिर्फ दीवारों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सेहत पर भी असर डालती है. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन कमेटी ऑन डैम्प इंडोर स्पेसेस एंड हेल्थ की रिसर्च के अनुसार, घर में लगातार नमी रहने से माइक्रोब्स तेजी से पनपते हैं. यह नमी जब ठंडी सतहों या बंद जगहों से टकराती है, तो वहां फफूंदी बनने लगती है, जो धीरे-धीरे पूरे घर में फैल सकती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इसे भी पढ़ें-&nbsp;<a title="Painkiller Side Effects: क्या पेन किलर से सच में खराब हो जाते हैं ऑर्गन, जानें किस मात्रा में सही रहता है इनका सेवन?" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/do-painkillers-damage-your-organs-know-the-safe-dosage-and-hidden-risks-3118863" target="_self">Painkiller Side Effects: क्या पेन किलर से सच में खराब हो जाते हैं ऑर्गन, जानें किस मात्रा में सही रहता है इनका सेवन?</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्टडी में क्या पता चला?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस स्टडी में यह भी पाया गया कि ऐसे घरों में रहने वाले लोगों में सांस से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखी जाती हैं. खांसी, घरघराहट और ऊपरी &nbsp;रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें आम हो जाती हैं. खासकर बच्चों और पहले से अस्थमा के मरीजों के लिए यह स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है. इतना ही नहीं, लगातार नमी रहने से दीवारों और लकड़ी जैसे मटेरियल भी खराब होने लगते हैं और हवा में हानिकारक केमिकल्स छोड़ सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे में क्या करना चाहिए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सवाल यह उठता है कि जब बाहर कपड़े सुखाना संभव न हो, तो क्या किया जाए? इसका जवाब है सही वेंटिलेशन और नमी पर नियंत्रण. डैम्प इंडोर स्पेसेस एंड हेल्थ रिपोर्ट में भी यही बताया गया है कि घर के अंदर नमी को कंट्रोल करना सबसे जरूरी है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि कपड़े सुखाते समय खिड़की थोड़ी खुली रखें या एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें, ताकि हवा का फ्लो बना रहे. इसके अलावा, कपड़े हमेशा उस कमरे में सुखाएं जहां हवा का आवागमन बेहतर हो. अगर संभव हो तो डिह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें, जो हवा से नमी को खींच लेता है. एक साधारण पंखा भी हवा को मूव करता है, जिससे कपड़े जल्दी सूखते हैं और नमी जमा नहीं होती.</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें-&nbsp;<a title="Metabolic Diseases In India: भारत में तेजी से फैल रही हैं मेटाबॉलिक बीमारियां, कहीं आप भी तो नहीं इसके शिकार?" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/india-tops-asia-pacific-in-diabetes-burden-metabolic-diseases-rising-at-an-alarming-pace-3118762" target="_self">Metabolic Diseases In India: भारत में तेजी से फैल रही हैं मेटाबॉलिक बीमारियां, कहीं आप भी तो नहीं इसके शिकार?</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, जब आप गीले कपड़े कमरे के अंदर सुखाते हैं, तो उनमें मौजूद पानी भाप बनकर हवा में मिल जाता है. अगर घर में अच्छी वेंटिलेशन नहीं है, तो यह नमी बाहर नहीं निकल पाती और कमरे के अंदर ही जमा होने लगती है. आजकल घरों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि गर्मी बाहर न जाए और बिजली की बचत हो, लेकिन इसी वजह से हवा का आवागमन भी सीमित हो जाता है. नतीजा यह होता है कि नमी ठंडी दीवारों और कोनों में जमा होकर फफूंदी का रूप ले लेती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या निकला रिसर्च में?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह समस्या सिर्फ दीवारों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सेहत पर भी असर डालती है. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन कमेटी ऑन डैम्प इंडोर स्पेसेस एंड हेल्थ की रिसर्च के अनुसार, घर में लगातार नमी रहने से माइक्रोब्स तेजी से पनपते हैं. यह नमी जब ठंडी सतहों या बंद जगहों से टकराती है, तो वहां फफूंदी बनने लगती है, जो धीरे-धीरे पूरे घर में फैल सकती है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>इसे भी पढ़ें-&nbsp;<a title="Painkiller Side Effects: क्या पेन किलर से सच में खराब हो जाते हैं ऑर्गन, जानें किस मात्रा में सही रहता है इनका सेवन?" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/do-painkillers-damage-your-organs-know-the-safe-dosage-and-hidden-risks-3118863" target="_self">Painkiller Side Effects: क्या पेन किलर से सच में खराब हो जाते हैं ऑर्गन, जानें किस मात्रा में सही रहता है इनका सेवन?</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्टडी में क्या पता चला?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">इस स्टडी में यह भी पाया गया कि ऐसे घरों में रहने वाले लोगों में सांस से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखी जाती हैं. खांसी, घरघराहट और ऊपरी &nbsp;रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें आम हो जाती हैं. खासकर बच्चों और पहले से अस्थमा के मरीजों के लिए यह स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती है. इतना ही नहीं, लगातार नमी रहने से दीवारों और लकड़ी जैसे मटेरियल भी खराब होने लगते हैं और हवा में हानिकारक केमिकल्स छोड़ सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे में क्या करना चाहिए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सवाल यह उठता है कि जब बाहर कपड़े सुखाना संभव न हो, तो क्या किया जाए? इसका जवाब है सही वेंटिलेशन और नमी पर नियंत्रण. डैम्प इंडोर स्पेसेस एंड हेल्थ रिपोर्ट में भी यही बताया गया है कि घर के अंदर नमी को कंट्रोल करना सबसे जरूरी है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि कपड़े सुखाते समय खिड़की थोड़ी खुली रखें या एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें, ताकि हवा का फ्लो बना रहे. इसके अलावा, कपड़े हमेशा उस कमरे में सुखाएं जहां हवा का आवागमन बेहतर हो. अगर संभव हो तो डिह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें, जो हवा से नमी को खींच लेता है. एक साधारण पंखा भी हवा को मूव करता है, जिससे कपड़े जल्दी सूखते हैं और नमी जमा नहीं होती.</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें-&nbsp;<a title="Metabolic Diseases In India: भारत में तेजी से फैल रही हैं मेटाबॉलिक बीमारियां, कहीं आप भी तो नहीं इसके शिकार?" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/india-tops-asia-pacific-in-diabetes-burden-metabolic-diseases-rising-at-an-alarming-pace-3118762" target="_self">Metabolic Diseases In India: भारत में तेजी से फैल रही हैं मेटाबॉलिक बीमारियां, कहीं आप भी तो नहीं इसके शिकार?</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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