25 Sep 2026, 06:50 PM
गृहिणियां ‘हाउसवाइफ’ तो पुरुष भी बनें ‘हाउसहसबैंड’, वैवाहिक रिश्ते बचाने पर मद्रास हाई कोर्ट की बड़ी टिप्पणी
Patrika
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Husband-Wife Divorce Case: मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने विवाह और परिवार व्यवस्था को बचाए रखने के संदर्भ में एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि यदि समाज में गृहिणियां या ‘हाउसवाइफ’ हो सकती हैं, तो पुरुषों को भी ‘हाउसहसबैंड’ बनना चाहिए और इसे एक नया सामान्य चलन (न्यू नॉर्मल) स्वीकार किया जाना चाहिए। जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन और जस्टिस एम.डी. सुमति की पीठ ने स्पष्ट किया कि ‘होममेकर’ शब्द किसी एक लिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह जेंडर-न्यूट्रल है।
Source Credit: patrika.com
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