15 Sep 2026, 01:25 PM
First World War Tanks: 110 साल पहले रणभूमि में उतरी थी ‘लोहे की दीवार’, आज आसमान में मंडरा रहे ड्रोन… फिर भी टैंक क्यों कायम?
Patrika
@patrika
Somme Battle Tanks: युद्ध के मैदान में टैंक की कहानी सिर्फ भारी लोहे, तोप और बख्तरबंद सुरक्षा की कहानी नहीं है। प्रथम विश्वयुद्ध के सोम युद्धक्षेत्र से शुरू हुआ यह अध्याय 1965 में भारत-पाकिस्तान के असल उत्तर तक पहुंचा, जहां भारतीय रणनीति ने पाकिस्तान के शक्तिशाली पैटन टैंकों की बढ़त को उलट दिया। आज यूक्रेन जैसे युद्धों ने टैंकों के सामने ड्रोन और एंटी-टैंक हथियारों की नई चुनौती खड़ी कर दी है। सवाल यही है क्या टैंक अब भी निर्णायक हथियार हैं?
Source Credit: patrika.com
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