24 Oct 2026, 02:31 PM
हूती हमलों से हिला सऊदी अरब: EU-GCC शिखर सम्मेलन स्थगित, जानें दुनिया और भारत पर क्या पड़ेगा असर
News Patrika
@newspatrika
Houthi rebels and Saudi Arabia: सऊदी अरब और यमन के अंसार अल्लाह, जिसे आमतौर पर हूती विद्रोही भी कहा जाता है, उनके बीच सैन्य संघर्ष फिर से तेज हो गया है। हूती विद्रोही शिया इस्लाम की जैदी शाखा से जुड़े हैं। यमन में जैदी आबादी का बड़ा हिस्सा हैं। साल 2011 में अरब स्प्रिंग के बाद जब यमन में सत्ता कमजोर हुई। तब हूतियों ने सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक दिया और 2014 में राजधानी सना में कब्जा जमा लिया। हालांकि, उनके वर्चस्व को कभी भी सऊदी और GCC ने मान्यता नहीं दी। शिया पंथ से ताल्लुक रखने के कारण ईरान का समर्थन उसे लगातार मिलता रहा। ईरान ने यमन के हूतियों, ईराक के शिया मिलिशिया, सीरिया में असद रीजिम और लेबनान में हिज्बुल्लाह का गठजोड़ बनाया और इसे एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस का नाम दिया।
Source Credit: patrika.com
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