17 Oct 2026, 07:22 PM
मस्क-अंबानी की जंग तेज, रिलायंस के बयान पर स्टारलिंक का पलटवार, क्या कहा?
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">भारत में सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक और मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. पहले मस्क ने भारत में स्टारलिंक की एंट्री में रुकावटों को लेकर सवाल उठाए थे, फिर रिलायंस ने साफ कर दिया कि उसे किसी भी कंपनी से मुकाबला करने में डर नहीं लगता है. अब स्टारलिंक ने रिलायंस के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि वो भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है.</p>
<p style="text-align: justify;">स्टारलिंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि कंपनी पिछले पांच साल से ज्यादा समय से भारत में नियम, इंडस्ट्री और ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रही है. कंपनी के मुताबिक, उसने भारत में इंटरनेट सेवाओं के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और उसके पास सारी सरकारी मंजूरियां भी हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्टारलिंक ने रिलायंस को क्या जवाब दिया?</strong><br />स्टारलिंक ने अपने बयान में कहा कि उसने भारत में सुरक्षित तरीके से इंटरनेट सेवा देने के लिए जरूरी सिस्टम, गेटवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है. कंपनी का कहना है कि ये पूरा नेटवर्क भारत में ही है और भारतीय यूजर्स के इंटरनेट ट्रैफिक को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए बनाया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">स्टारलिंक ने इसी बयान में कहा कि वह भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है. ये बयान रिलायंस के उस संदेश के जवाब में आया, जिसमें कंपनी ने कहा था कि वो सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में स्टारलिंक समेत सभी कंपनियों का स्वागत करती है, लेकिन हर कंपनी को भारत के कानून और नियमों का पालन करना होगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>रिलायंस ने क्या कहा था?</strong><br />मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस ने 16 अक्टूबर को कहा था कि उसे कभी भी कॉम्पिटिशन से डर नहीं लगा. कंपनी के मुताबिक, मुकाबला ये बताता है कि कौन ग्राहकों को बेहतर सेवा देता है. रिलायंस ने अपने बयान में जियो की शुरुआत का भी जिक्र किया. कंपनी ने कहा कि जब जियो ने 2016 में टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था तब उसके पास एक भी ग्राहक नहीं था. लेकिन सस्ती डेटा सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं के दम पर आज जियो के 53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">कंपनी ने कहा कि वो सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में स्टारलिंक समेत दूसरी कंपनियों के आने का स्वागत करती है. हालांकि, रिलायंस ने ये भी साफ किया कि जियो समेत हर कंपनी को भारत के कानूनों और नीतियों का पालन करना होगा.&nbsp;</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">We have worked closely with regulators, industry and operators in India for 5+ years, and built a network of dedicated systems, gateways, and other infrastructure all in-country to exclusively serve Indian traffic safely and securely - and all with the requisite government approvals. Starlink is ready to connect India with high-speed internet.</p>
&mdash; Starlink (@Starlink) <a href="https://x.com/Starlink/status/2111146914121204087?ref_src=twsrc%5Etfw">October 16, 2026</a></blockquote>
<p>
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</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मस्क ने अंबानी पर क्यों उठाए सवाल?</strong><br />इस विवाद की शुरुआत तब तेज हुई, जब एलन मस्क ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े कारोबारी हित भारत में स्टारलिंक की एंट्री में रुकावट डाल रहे हैं. मस्क का कहना था कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है और ग्राहकों को बेहतर ऑप्शन मिलने में देरी हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">मस्क ने सोशल मीडिया पर मुकेश अंबानी को तंज कसते हुए 'प्राइम मिनिस्टर अंबानी' भी कहा था. उन्होंने सवाल उठाया कि स्टारलिंक को भारत में सेवा शुरू करने की अनुमति मिलने में देरी क्यों हो रही है. हालांकि, मस्क के आरोपों के समर्थन में कोई सबूत सामने नहीं आया है. भारत सरकार ने भी भेदभाव या किसी कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को खारिज किया है. सरकार का कहना है कि सभी कंपनियों के लिए नियम समान है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या स्टारलिंक को मिल गई मंजूरी?</strong><br />स्टारलिंक को सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए लाइसेंस मिल चुका है, लेकिन सिर्फ लाइसेंस मिलने से कंपनी भारत में तुरंत सेवा शुरू नहीं कर सकती है. इसके लिए स्पेक्ट्रम आवंटन और जरूरी सुरक्षा शर्तों को पूरा करना भी जरूरी है. सरकार के मुताबिक, स्टारलिंक, रिलायंस जियो और भारती ग्रुप की यूटेलसैट वनवेब जैसी कंपनियों को इन प्रोसेस से गुजरना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/business/are-banks-closed-on-17-october-know-where-holidays-have-declared-and-reasons-behind-it-bank-holiday-today-3203177">17 अक्टूबर को बैंक बंद? जानें कहां-कहां मिली है छुट्टी और क्या है कारण</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;">स्टारलिंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि कंपनी पिछले पांच साल से ज्यादा समय से भारत में नियम, इंडस्ट्री और ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रही है. कंपनी के मुताबिक, उसने भारत में इंटरनेट सेवाओं के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और उसके पास सारी सरकारी मंजूरियां भी हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>स्टारलिंक ने रिलायंस को क्या जवाब दिया?</strong><br />स्टारलिंक ने अपने बयान में कहा कि उसने भारत में सुरक्षित तरीके से इंटरनेट सेवा देने के लिए जरूरी सिस्टम, गेटवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है. कंपनी का कहना है कि ये पूरा नेटवर्क भारत में ही है और भारतीय यूजर्स के इंटरनेट ट्रैफिक को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए बनाया गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">स्टारलिंक ने इसी बयान में कहा कि वह भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है. ये बयान रिलायंस के उस संदेश के जवाब में आया, जिसमें कंपनी ने कहा था कि वो सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में स्टारलिंक समेत सभी कंपनियों का स्वागत करती है, लेकिन हर कंपनी को भारत के कानून और नियमों का पालन करना होगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>रिलायंस ने क्या कहा था?</strong><br />मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस ने 16 अक्टूबर को कहा था कि उसे कभी भी कॉम्पिटिशन से डर नहीं लगा. कंपनी के मुताबिक, मुकाबला ये बताता है कि कौन ग्राहकों को बेहतर सेवा देता है. रिलायंस ने अपने बयान में जियो की शुरुआत का भी जिक्र किया. कंपनी ने कहा कि जब जियो ने 2016 में टेलीकॉम बाजार में कदम रखा था तब उसके पास एक भी ग्राहक नहीं था. लेकिन सस्ती डेटा सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं के दम पर आज जियो के 53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">कंपनी ने कहा कि वो सैटेलाइट कम्युनिकेशन के क्षेत्र में स्टारलिंक समेत दूसरी कंपनियों के आने का स्वागत करती है. हालांकि, रिलायंस ने ये भी साफ किया कि जियो समेत हर कंपनी को भारत के कानूनों और नीतियों का पालन करना होगा.&nbsp;</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">We have worked closely with regulators, industry and operators in India for 5+ years, and built a network of dedicated systems, gateways, and other infrastructure all in-country to exclusively serve Indian traffic safely and securely - and all with the requisite government approvals. Starlink is ready to connect India with high-speed internet.</p>
&mdash; Starlink (@Starlink) <a href="https://x.com/Starlink/status/2111146914121204087?ref_src=twsrc%5Etfw">October 16, 2026</a></blockquote>
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<script src="https://platform.x.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script>
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<p style="text-align: justify;"><strong>मस्क ने अंबानी पर क्यों उठाए सवाल?</strong><br />इस विवाद की शुरुआत तब तेज हुई, जब एलन मस्क ने आरोप लगाया कि कुछ बड़े कारोबारी हित भारत में स्टारलिंक की एंट्री में रुकावट डाल रहे हैं. मस्क का कहना था कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है और ग्राहकों को बेहतर ऑप्शन मिलने में देरी हो सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;">मस्क ने सोशल मीडिया पर मुकेश अंबानी को तंज कसते हुए 'प्राइम मिनिस्टर अंबानी' भी कहा था. उन्होंने सवाल उठाया कि स्टारलिंक को भारत में सेवा शुरू करने की अनुमति मिलने में देरी क्यों हो रही है. हालांकि, मस्क के आरोपों के समर्थन में कोई सबूत सामने नहीं आया है. भारत सरकार ने भी भेदभाव या किसी कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोपों को खारिज किया है. सरकार का कहना है कि सभी कंपनियों के लिए नियम समान है.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>क्या स्टारलिंक को मिल गई मंजूरी?</strong><br />स्टारलिंक को सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए लाइसेंस मिल चुका है, लेकिन सिर्फ लाइसेंस मिलने से कंपनी भारत में तुरंत सेवा शुरू नहीं कर सकती है. इसके लिए स्पेक्ट्रम आवंटन और जरूरी सुरक्षा शर्तों को पूरा करना भी जरूरी है. सरकार के मुताबिक, स्टारलिंक, रिलायंस जियो और भारती ग्रुप की यूटेलसैट वनवेब जैसी कंपनियों को इन प्रोसेस से गुजरना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/business/are-banks-closed-on-17-october-know-where-holidays-have-declared-and-reasons-behind-it-bank-holiday-today-3203177">17 अक्टूबर को बैंक बंद? जानें कहां-कहां मिली है छुट्टी और क्या है कारण</a></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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