CM धामी ने खटीमा में किया आदि रंगोत्सव का शुभारंभ, 15 राज्यों के कलाकार पहुंचे
Uttar Pradesh 05 Oct 2026, 07:08 PM

CM धामी ने खटीमा में किया आदि रंगोत्सव का शुभारंभ, 15 राज्यों के कलाकार पहुंचे

ABP News
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<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओरांव एवं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के साथ खटीमा में तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का शुभारंभ किया. इससे पूर्व आयोजित भव्य रोड शो में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों एवं जनजातीय समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया.</p>
<p style="text-align: justify;">नवीन मंडी परिसर में आयोजित आदि रंगोत्सव में 15 से अधिक राज्यों के जनजातीय कलाकार, कारीगर एवं उत्पादक प्रतिभाग कर रहे हैं. महोत्सव के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों की जनजातीय कला, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों एवं खान-पान को एक मंच पर प्रदर्शित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान और सशक्तिकरण को नई प्राथमिकता मिली है. केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span style="color: #e03e2d;"><a style="color: #e03e2d;" href="https://www.abplive.com/states/up-uk/lucknow-floods-gomti-surging-after-rains-10000-families-stranded-ann-3197890">लखनऊ में बाढ़, बारिश के बाद उफान पर गोमती; 10 हजार से ज्यादा परिवार फंसे</a></span></strong></p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आश्रम पद्धति विद्यालयों को इंटरमीडिएट स्तर तक अपग्रेड करने के साथ ही एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के माध्यम से जनजातीय बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है. उन्होंने पिथौरागढ़ क्षेत्र में भी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाने का अनुरोध केंद्रीय मंत्रियों से किया.</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के पारंपरिक उत्पादों को बाजार से जोड़ने, छोटे उद्यमों को प्रोत्साहित करने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सरकार लगातार कार्य कर रही है. थारू, भोटिया, जौनसारी, बोक्सा सहित प्रदेश के विभिन्न जनजातीय समुदायों की संस्कृति, परंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास और योगदान को राष्ट्रीय पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. राष्ट्रपति मती <a title="द्रौपदी मुर्मू" href="https://www.abplive.com/topic/droupadi-murmu" data-type="interlinkingkeywords">द्रौपदी मुर्मू</a> का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होना भी जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण का प्रतीक है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span style="color: #e03e2d;"><a style="color: #e03e2d;" href="https://www.abplive.com/states/up-uk/apna-dal-chief-anupriya-patel-wrote-letter-to-cm-yogi-adityanath-for-68500-teachers-recruitment-3197837">राज्यसभा चुनाव के बीच अनुप्रिया बढ़ाएंगी BJP की मुश्किल, CM योगी को लिखी चिट्ठी</a></span></strong></p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओरांव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं संचालित की जा रही हैं. उन्होंने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की. केंद्रीय मंत्री ने खटीमा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विस्तार एवं सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से ₹10 करोड़ दिए जाने की घोषणा भी की.</p>
<p style="text-align: justify;">केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सरल एवं सौम्य स्वभाव के साथ उत्तराखंड की चुनौतियों का मजबूती से सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://www.abplive.com/topic/narendra-modi" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद जनजातीय समाज के कल्याण, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">खटीमा में आयोजित आदि रंगोत्सव में जनजातीय संस्कृति के विविध रंग देखने को मिले. पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और जनजातीय उत्पादों ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया. बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की सहभागिता के बीच आयोजित यह महोत्सव जनजातीय संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण के साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण मंच बना है.</p>
Source Credit: abplive.com
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