न अमेरिका, न IMF और न ही वर्ल्ड बैंक, फिर पाकिस्तान को कौन भर-भरकर दे रहा कर्ज?
07 Nov 2026, 06:43 PM

न अमेरिका, न IMF और न ही वर्ल्ड बैंक, फिर पाकिस्तान को कौन भर-भरकर दे रहा कर्ज?

ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जिसकी पूरी इकोनॉमी ही कर्ज के भरोसे चल रही है. साल 2015 में पाकिस्तान का विदेशी कर्ज 68.673 अरब डॉलर था, जो 2025 में बढ़कर 135.107 अरब डॉलर पर पहुंच गया. यानी कि पिछले 10 सालों में इसमें दोगुना इजाफा हुआ है. वर्ल्ड बैंक की 'इंटरनेशनल डेट रिपोर्ट 2026' में इसका खुलासा हुआ है. पाकिस्तानी समाचारपत्र डॉन ने भी विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए इसकी जानकारी दी है. </p>
<p style="text-align: justify;">वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में एक और चौंकानेवाला खुलासा हुआ है. पाकिस्तान को ज्यादा से ज्यादा कर्ज देने वालों में न ही अमेरिका का नाम है और न ही वर्ल्ड बैंक या IMF (International Monetary Fund) जैसी संस्थाएं हैं. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा कर्ज किससे लेकर रखा है? आइए आपको बताते हैं. </p>
<h3>पाकिस्तान को कौन दे रहा सबसे ज्यादा कर्ज?</h3>
<p style="text-align: justify;">पाकिस्तान को कर्ज देने वाले देशों में चीन सबसे आगे है. पाकिस्तान पर अकेले चीन का 22.4 अरब डॉलर का कर्ज बकाया है. इसके बाद दूसरे नंबर पर वर्ल्ड बैंक है, जिसने पाकिस्तान को 19.2 अरब डॉलर का कर्ज दे रखा है. तीसरे नंबर पर एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB)है, पाकिस्तान पर जिसका 16.83 अरब डॉलर का कर्ज बकाया है. </p>
<p style="text-align: justify;">इसमें 107.076 अरब डॉलर का सार्वजनिक और सार्वजनिक रूप से गारंटीकृत कर्ज है. ये पाकिस्तान सरकार की तरफ से विदेशों से लिया गया कर्ज है या फिर किसी सरकारी कंपनी के कर्ज की पूरी जिम्मेदारी खुद सरकार ने ले रखी है.  17.58 अरब डॉलर का निजी गैर-गारंटीकृत कर्ज है, जो पाकिस्तान की प्राइवेट कंपनियों ने विदेशों से अपने बिजनेस के लिए ले रखा है.  इसमें 10.45 अरब डॉलर का अल्पकालिक कर्ज शामिल है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">पाकिस्तान को कर्ज देने वालों में कौन?</h3>
<p style="text-align: justify;">सार्वजनिक और सार्वजनिक रूप से गारंटीकृत कर्ज में से 56.83 अरब डॉलर बहुपक्षीय लेनदारों, 42.43 अरब डॉलर द्विपक्षीय लेनदारों और 7.8 अरब डॉलर निजी लेनदारों के हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को आधिकारिक लेनदारों से लिए गए पैसों को धीरे-धीरे वापस चुकाने के लिए औसतन 16 साल का लंबा समय मिला है ताकि उस पर तुरंत भुगतान का दबाव न आए.</p>
<p style="text-align: justify;">इसमें भी 4 साल का ग्रेस पीरियड भी शामिल हैं यानी कि कर्ज लेने के शुरुआती 4 साल तक पाकिस्तान को कर्ज की किस्त चुकाने की पूरी छूट थी. साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार के सामान्य कमर्शियल लोन के मुकाबले पाकिस्तान को औसतन सिर्फ 3.6% की सस्ती ब्याज दर पैसे दिए गए हैं.</p>
<p><iframe title="Gold Loan का Craze! 3 साल में 3 गुना हुआ कर्ज, ₹22.5 लाख करोड़ पहुंचा Outstanding Loan! | Paisa Live" src="https://www.youtube.com/embed/jSYL3VMXk9Y" width="838" height="471" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p class="abp-article-title"><strong><a href="https://www.abplive.com/business/8th-pay-commission-website-new-update-pm-modi-man-ki-bat-fitment-factor-salary-hike-3212006">दीवाली से पहले 8वें वेतन आयोग की साइट पर फ्लैश हुआ नया मैसेज, जानें क्या है खास? </a></strong></p>
Source Credit: abplive.com
Read Full Story
5

Comments (0)

Login to join the conversation