मायावती के गढ़ में चंद्रशेखर आजाद की हुंकार, 10 दिन बाद BSP का भी शक्ति प्रदर्शन
Uttar Pradesh 04 Nov 2026, 08:08 PM

मायावती के गढ़ में चंद्रशेखर आजाद की हुंकार, 10 दिन बाद BSP का भी शक्ति प्रदर्शन

ABP News
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<p style="text-align: justify;">बहुजन समाजवादी पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव बड़ी चुनौती है. जहां एक तरफ पार्टी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ पार्टी के कोर वोटर दलित समाज पर चंद्रशेखर आजाद भी कब्जा करने के लिए तेजी से तैयारी कर रहे हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">इसका बड़ा सियासी मुकाबला <a title="लखनऊ" href="https://www.abplive.com/topic/lucknow" data-type="interlinkingkeywords">लखनऊ</a> के रमाबाई आंबेडकर रैली स्थल पर देखने को मिल सकता है. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर यहां बहुजन स्वराज संकल्प महारैली करेंगे. वहीं, इसके ठीक 10 दिन बाद छह दिसंबर को बसपा भी इसी स्थल पर कार्यक्रम आयोजित करेगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span style="color: #e03e2d;"><a style="color: #e03e2d;" title="'यादवों की पैरवी नहीं करता' कथित वीडियो को सतीश द्विवेदी ने बताया- AI, कहा- मैंने जो कहा था..." href="https://www.abplive.com/states/up-uk/satish-dwivedi-said-that-the-alleged-video-does-not-supoort-for-yadavs-is-ai-generated-3210877" target="_blank" rel="noopener">यह भी पढ़ें: 'यादवों की पैरवी नहीं करता' कथित वीडियो को सतीश द्विवेदी ने बताया- AI, कहा- मैंने जो कहा था...</a></span></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;">बसपा की रैलियों का मैदान रमाबाई आंबेडकर रैली स्थल</h3>
<p style="text-align: justify;">रमाबाई आंबेडकर रैली स्थल को लंबे समय तक बसपा की राजनीतिक ताकत का प्रतीक माना जाता रहा है. सियासी गलियारों में हमेशा उनकी रेलिया चर्चा में इसलिए भी रही क्योंकि करीब 165 एकड़ में बने स्थल में 5 लाख समर्थक जुटने की जगह है. मायावती ने कई बार इस रैली स्थल को भरने का काम किया है.</p>
<p style="text-align: justify;">अब चंद्रशेखर आजाद इसी मैदान में बड़ी भीड़ जुटाकर दलित और बहुजन राजनीति में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में दोनों दलों के आयोजनों को 2027 के चुनाव से पहले दलित वोट बैंक और राजनीतिक नेतृत्व पर पकड़ बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">2010 के बाद होगी बड़ी रैली</h3>
<p style="text-align: justify;">बसपा ने वर्ष 2010 के बाद इस रैली स्थल पर बड़ी रैली नहीं की है. उस समय आयोजित कार्यक्रम में पांच लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया गया था. हालांकि, बसपा हर साल छह दिसंबर को डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजन करती है. इसको लेकर के पार्टी ने अपनी तैयारी भी तेज कर दी हैं. पार्टी की तरफ से दावा किया जा रहा है कि 2010 के बाद रमाबाई स्थल पर होने वाली रैली 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की ताकत को दिखाई दी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span style="color: #e03e2d;"><a style="color: #e03e2d;" title="कांग्रेस में टिकट के लिए मांगे जा रहे पैसे? अब राजेंद्र पाल गौतम ने दी सफाई" href="https://www.abplive.com/states/up-uk/rajendra-pal-gautam-reacts-to-money-demand-allegations-for-congress-ticket-in-up-3210856" target="_blank" rel="noopener">यह भी पढ़ें: कांग्रेस में टिकट के लिए मांगे जा रहे पैसे? अब राजेंद्र पाल गौतम ने दी सफाई</a></span></strong></p>
Source Credit: abplive.com
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