जब अपनों से कहना हो मुश्किल, तो एक कॉल बना सहारा, करियर का दबाव, पारिवारिक कलह और अकेलेपन की चुभन को लेकर पहुंच रहे फोन
Madhya Pradesh 22 Oct 2026, 07:50 PM

जब अपनों से कहना हो मुश्किल, तो एक कॉल बना सहारा, करियर का दबाव, पारिवारिक कलह और अकेलेपन की चुभन को लेकर पहुंच रहे फोन

News Patrika
@newspatrika
ग्वालियर. कभी करियर को लेकर भविष्य का डर, कभी पारिवारिक रिश्तों में कड़वाहट, तो कभी ऐसे नकारात्मक विचार, जिन्हें अपनों से साझा करने में भी झिझक महसूस होती है। भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग मानसिक द्वंद्व से जूझ रहे हैं। इलाज की इच्छा के बावजूद सामाजिक तानों और अस्पताल जाने की झिझक के कारण वे परेशानी छिपाते रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की टेली-मानस हेल्पलाइन उम्मीद की किरण बनी है। मध्य प्रदेश में ग्वालियर की मानसिक आरोग्यशाला और इंदौर के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में संचालित केंद्रों पर हर महीने औसतन 9 हजार कॉल आ रहे हैं। अकेले ग्वालियर सेंटर पर करीब 4,500 लोग हर माह परामर्श ले रहे हैं। वर्ष 2022 से अब तक प्रदेश में 2.50 लाख से अधिक लोग हेल्पलाइन से परामर्श ले चुके हैं।
Source Credit: patrika.com
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