Gwalior, Madhya Pradesh
23 Sep 2026, 09:51 PM
भारत-ताइवान के बीच बढ़ेगा तकनीकी सहयोग, युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
Patrika
@patrika
ग्वालियर. भारत और ताइवान के बीच शिक्षा, तकनीक, संस्कृति और उद्योग के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं को लेकर बुधवार को जीवाजी विश्वविद्यालय के टंडन सभागार में संगोष्ठी आयोजित की गई। जीवाजी विश्वविद्यालय और सिंधिया शोध केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारत-ताइवान: आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंध, एशिया के विशेष संदर्भ में’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में दोनों पक्षों के बीच बढ़ते शैक्षणिक और तकनीकी संपर्क, युवाओं के लिए अवसर तथा संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। संगोष्ठी में ताइपेई आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र, दिल्ली के प्रतिनिधि डॉ. मूमिन चेन ने कहा कि चुनौतीपूर्ण भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद भारत और ताइवान के संबंध विभिन्न क्षेत्रों में विकसित हो रहे हैं। दोनों लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के बीच शिक्षा, संस्कृति, भाषा और उद्योग के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक आदान-प्रदान के साथ तकनीकी क्षेत्र में सहयोग को भी बढ़ाया जा सकता है। डॉ. चेन ने बताया कि भारत में चीनी भाषा के अध्यापन से जुड़े करीब 40 शिक्षक ताइवान से हैं। वहीं बड़ी संख्या में भारतीय विद्यार्थी प्रतिवर्ष ताइवान में इंटर्नशिप के लिए जाते हैं। उन्होंने ताइवान को मोबाइल चिप निर्माण का प्रमुख केंद्र बताते हुए सेमीकंडक्टर और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों के विद्यार्थियों और युवाओं को व्यावहारिक अनुभव तथा रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।
Source Credit: patrika.com
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