Bhadra Kaal Today: आज 2:47 बजे भद्रा खत्म, फिर भी शुभ काम के लिए क्यों करना होगा इंतजार?
22 Oct 2026, 08:13 PM

Bhadra Kaal Today: आज 2:47 बजे भद्रा खत्म, फिर भी शुभ काम के लिए क्यों करना होगा इंतजार?

ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;"><strong>Bhadra Kaal Today:</strong> आज भद्रा खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं और सोच रखा है कि दोपहर 2:47 बजे के बाद नया काम शुरू कर देंगे, तो समय का एक और हिसाब समझ लें. गुरुवार 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली NCR के पंचांग के अनुसार भद्रा समाप्त होने के बाद भी कुछ देर राहुकाल रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;">इतना ही नहीं, दोपहर में दुर्मुहूर्त भी पड़ रहा है. इसलिए सिर्फ भद्रा खत्म होने का समय देखकर उसे शुभ मुहूर्त मान लेना सही नहीं होगा.</p>
<h3 style="text-align: justify;">भद्रा खत्म होगी, लेकिन राहुकाल जारी रहेगा</h3>
<p style="text-align: justify;">आज भद्रा दोपहर 2:47 बजे तक है, जबकि राहुकाल दोपहर 1:30 बजे से 2:55 बजे तक रहेगा. यानी भद्रा समाप्त होने के बाद भी लगभग आठ मिनट राहुकाल के होंगे. मुहूर्त की परंपरा में नई शुभ शुरुआत के लिए राहुकाल टाला जाता है. ऐसे में 2:47 बजते ही किसी मांगलिक कार्य की शुरुआत करना उचित मुहूर्त चुनने की शर्त पूरी नहीं करता.</p>
<p style="text-align: justify;">इसे ऐसे समझें कि किसी काम के लिए दो अलग समय देखे जा रहे हैं. एक की अवधि समाप्त हो गई, लेकिन दूसरे की अभी बाकी है. भद्रा और राहुकाल की गणना अलग होती है, इसलिए दोनों का एक साथ समाप्त होना जरूरी नहीं है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">क्या दोपहर 2:55 बजे के बाद काम कर सकते हैं?</h3>
<p style="text-align: justify;">आज के पंचांग में यहीं एक और बात ध्यान देने वाली है. दोपहर का दुष्टमुहूर्त 2:44 बजे से 3:29 बजे तक है. यानी राहुकाल समाप्त होने के बाद भी दुर्मुहूर्त जारी रहेगा. इसलिए 2:55 बजे राहुकाल खत्म, अब हर शुभ काम कर लें, कहना भी अधूरी जानकारी होगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज दोपहर का समय इस तरह समझ सकते हैं</h3>
<p style="text-align: justify;">दोपहर 2:47 बजे- भद्रा समाप्त होगी <br />दोपहर 2:55 बजे- राहुकाल समाप्त होगा <br />दोपहर 3:29 बजे- दोपहर का दुर्मुहूर्त समाप्त होगा</p>
<p style="text-align: justify;">ये समय नई दिल्ली NCR के लिए हैं. दूसरे शहरों में स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार राहुकाल का समय बदल सकता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">क्या रोजमर्रा के काम भी रोक देने चाहिए?</h3>
<p style="text-align: justify;">राहुकाल का विचार मुख्य रूप से किसी नए शुभ कार्य की शुरुआत के लिए किया जाता है. पहले से चल रहा काम जारी रखा जा सकता है. इसलिए दफ्तर के काम या रोज की जिम्मेदारियों को रोक देने का निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं है. नई दुकान या कारोबार का औपचारिक शुभारंभ जैसे कामों के लिए मुहूर्त देखा जा रहा हो, तब इन अवधियों पर ध्यान दिया जाता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">फिर आज शुभ शुरुआत का समय कैसे चुनें?</h3>
<p style="text-align: justify;">दोपहर 3:29 बजे तक भद्रा, राहुकाल और दोपहर का दुर्मुहूर्त समाप्त हो चुके होंगे. लेकिन 3:29 बजे के बाद के पूरे समय को हर काम के लिए शुभ मुहूर्त घोषित नहीं किया जा सकता. विवाह, गृहप्रवेश या दूसरे संस्कारों के लिए कार्य के अनुसार तिथि, नक्षत्र और लग्न भी देखे जाते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">आज की जरूरी बात यही है कि भद्रा समाप्त होने और शुभ मुहूर्त मिलने में अंतर है. यदि आपने दोपहर 2:47 बजे की शुरुआत तय की है, तो अपने शहर का राहुकाल और दुर्मुहूर्त भी मिलाएं. केवल एक समय देखकर लिया गया फैसला पंचांग की बाकी जानकारी छोड़ सकता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
Read Full Story
2

Comments (0)

Login to join the conversation