12 Sep 2026, 02:10 PM
बंगाल में शाकाहारियों ने कभी पूजा पंडालों में मांसाहार की निंदा नहीं की, क्या बयान देकर फंस गए धीरेंद्र शास्त्री?
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बंगाल में मछली संस्कृति के गहरे महत्व को उजागर करती है, जहां वैष्णव ब्राह्मण भी इसे 'जल तरोई' मानकर खाते हैं. ये शाक्त मत और दुर्गा पूजा से जुड़ा है, जहां मांसाहार स्वीकार्य है.
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