22 Oct 2026, 03:56 PM
बाल ठाकरे में था गजब का कॉन्फिडेंस, मात्र 4 महीने पुरानी पार्टी के लिए बुक कर डाला था शिवाजी पार्क
News Patrika
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Bal Thackeray Shiv Sena History: महाराष्ट्र की राजनीति को ‘मराठी मानुस’ के इर्द-गिर्द घूमने को विवश करने वाले बाल ठाकरे का कॉन्फिडेंस गजब था। शिवसेना के शुरुआती दिनों में वह इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे कि पार्टी कुछ बड़ा करेगी, न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनायेगी। ठाकरे का यह विश्वास रंग लाया, शिवसेना ‘हिंदुत्व’ के रथ पर सवार होकर असंख्य हिंदुओं की पसंदीदा पार्टी बनी। महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी धमक कायम की, लेकिन वक्त के साथ-साथ सबकुछ बदल गया। पहले नाराज राज ठाकरे अलग हुए, नई पार्टी – MNS – बनाई। बाल ठाकरे के निधन के बाद हालात और बिगड़े, शिवसेना में टूट हुई। एकनाथ शिंदे शिवसेना का आधिकारिक चुनाव चिन्ह ‘धनुष और बाण’ लेकर अलग हो गए। उद्धव अपने ही पिता की बनाई पार्टी को दूसरे के हाथों में जाते देखते रहे, कुछ न कर पाए। उन्होंने ‘मशाल’ चुनाव चिन्ह के साथ शिवसेना (UBT) बनाई, लेकिन बिगड़ चुके हालात नहीं बदले। यह पार्टी हर रोज टूट रही है और पूरी तरह बिखरने की कगार पर पहुंच गई है। दोनों भाई यानी उद्धव और राज भले ही साथ आ गए हों, लेकिन बाल ठाकरे वाला कॉन्फिडेंस नदारद है।
Source Credit: patrika.com
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