15 Oct 2026, 07:27 PM
डॉ. कलाम के 5 विचार, जो छात्रों को देते हैं लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा
ABP News
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<p style="text-align: justify;">आज 15 अक्टूबर को देश के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती है. उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था. मिसाइल मैन के नाम से मशहूर डॉ. कलाम अपनी सादगी, मेहनत और दूर की सोच के लिए जाने जाते थे. वह बच्चों और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय थे और उन्हें हमेशा बड़े सपने देखने और कुछ नया सीखने के लिए प्रेरित करते थे.</p>
<p style="text-align: justify;">उनकी जयंती के मौके पर भारत में कई जगह छात्र दिवस भी मनाया जाता है. डॉ. कलाम का मानना था कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है. आइए जानते हैं उनके 5 ऐसे विचार, जो आज भी छात्रों को आगे बढ़ने का हौसला देते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>बड़े सपने देखना कभी न छोड़ें</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम का एक चर्चित विचार है कि सपने वे नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि वे होते हैं जो हमें अपने लक्ष्य के लिए लगातार काम करने की प्रेरणा देते हैं. अगर आप जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें. केवल सपना देखने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि उसे पूरा करने के लिए रोज मेहनत करनी पड़ती है. पढ़ाई हो या करियर, अपने लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयारी करना जरूरी है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखें</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम की सोच थी कि असफल होने के बाद भी कोशिश जारी रखनी चाहिए. उनके नाम से अक्सर यह विचार साझा किया जाता है कि फेल का मतलब फर्स्ट अटेम्प्ट इन लर्निंग है. परीक्षा में कम नंबर आना या किसी प्रतियोगिता में सफल न होना जिंदगी का अंत नहीं है. अपनी गलतियों को समझें, कमजोर विषयों पर काम करें और अगली बार बेहतर तैयारी के साथ आगे बढ़ें. असफलता को सीखने का मौका मानने से आत्मविश्वास बढ़ता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : </strong><a href="https://www.abplive.com/education/up-scholarship-renewal-application-last-date-tomorrow-fill-the-scholarship-form-online-before-the-deadline-3201966">यूपी स्कॉलरशिप के आवेदन कल हो रहे बंद, जल्द से जल्द ऐसे भरें फॉर्म</a></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>आत्मविश्वास के साथ करें कड़ी मेहनत</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम युवाओं को खुद पर भरोसा रखने और मेहनत से पीछे न हटने की प्रेरणा देते थे. उनका जीवन भी इस बात का उदाहरण है कि लगन और लगातार प्रयास से मुश्किल लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सकता है. अगर कोई विषय कठिन लगता है, तो उससे भागने के बजाय उसे समझने की कोशिश करें. जरूरत पड़ने पर शिक्षकों की मदद लें और रोज अभ्यास करें. अपनी तैयारी पर भरोसा रखें, लेकिन साथ ही अपनी कमियों को सुधारने के लिए भी तैयार रहें.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>पहली सफलता के बाद भी मेहनत जारी रखें</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम का एक विचार काफी चर्चित है कि पहली सफलता मिलने के बाद रुकना नहीं चाहिए. आगे बढ़ने के लिए लगातार सीखना और प्रयास करते रहना जरूरी है. अगर किसी परीक्षा में अच्छे नंबर आते हैं या किसी प्रतियोगिता में सफलता मिलती है, तो उसे अपनी मेहनत का एक पड़ाव मानें. अगला लक्ष्य तय करें और तैयारी जारी रखें. एक सफलता के बाद लापरवाह होने के बजाय अपनी मेहनत और अच्छी आदतों को बनाए रखना जरूरी है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>अलग सोचें और कुछ नया करने का साहस रखें</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम छात्रों को अपनी सोच विकसित करने, नए विचारों पर काम करने और मुश्किलों से घबराए बिना आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे. उनका मानना था कि युवाओं में देश को आगे ले जाने की क्षमता है. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन बताता है कि सफलता के लिए बड़े सपनों के साथ मेहनत, अनुशासन और सीखने की इच्छा भी जरूरी है. उनकी जयंती पर छात्र उनके विचारों से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य तय कर सकते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए नियमित रूप से प्रयास कर सकते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : </strong><a href="https://www.abplive.com/education/iit-kanpur-gautam-dev-living-in-america-with-more-than-20-years-of-experience-is-now-unemployed-3202033">IIT की डिग्री लेकिन फिर भी नौकरी के लिए भटक रहा यह शख्स, आखिर क्यों</a></p>
<p style="text-align: justify;">उनकी जयंती के मौके पर भारत में कई जगह छात्र दिवस भी मनाया जाता है. डॉ. कलाम का मानना था कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है. आइए जानते हैं उनके 5 ऐसे विचार, जो आज भी छात्रों को आगे बढ़ने का हौसला देते हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>बड़े सपने देखना कभी न छोड़ें</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम का एक चर्चित विचार है कि सपने वे नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि वे होते हैं जो हमें अपने लक्ष्य के लिए लगातार काम करने की प्रेरणा देते हैं. अगर आप जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें. केवल सपना देखने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि उसे पूरा करने के लिए रोज मेहनत करनी पड़ती है. पढ़ाई हो या करियर, अपने लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयारी करना जरूरी है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखें</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम की सोच थी कि असफल होने के बाद भी कोशिश जारी रखनी चाहिए. उनके नाम से अक्सर यह विचार साझा किया जाता है कि फेल का मतलब फर्स्ट अटेम्प्ट इन लर्निंग है. परीक्षा में कम नंबर आना या किसी प्रतियोगिता में सफल न होना जिंदगी का अंत नहीं है. अपनी गलतियों को समझें, कमजोर विषयों पर काम करें और अगली बार बेहतर तैयारी के साथ आगे बढ़ें. असफलता को सीखने का मौका मानने से आत्मविश्वास बढ़ता है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें : </strong><a href="https://www.abplive.com/education/up-scholarship-renewal-application-last-date-tomorrow-fill-the-scholarship-form-online-before-the-deadline-3201966">यूपी स्कॉलरशिप के आवेदन कल हो रहे बंद, जल्द से जल्द ऐसे भरें फॉर्म</a></p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>आत्मविश्वास के साथ करें कड़ी मेहनत</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम युवाओं को खुद पर भरोसा रखने और मेहनत से पीछे न हटने की प्रेरणा देते थे. उनका जीवन भी इस बात का उदाहरण है कि लगन और लगातार प्रयास से मुश्किल लक्ष्य की ओर बढ़ा जा सकता है. अगर कोई विषय कठिन लगता है, तो उससे भागने के बजाय उसे समझने की कोशिश करें. जरूरत पड़ने पर शिक्षकों की मदद लें और रोज अभ्यास करें. अपनी तैयारी पर भरोसा रखें, लेकिन साथ ही अपनी कमियों को सुधारने के लिए भी तैयार रहें.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>पहली सफलता के बाद भी मेहनत जारी रखें</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम का एक विचार काफी चर्चित है कि पहली सफलता मिलने के बाद रुकना नहीं चाहिए. आगे बढ़ने के लिए लगातार सीखना और प्रयास करते रहना जरूरी है. अगर किसी परीक्षा में अच्छे नंबर आते हैं या किसी प्रतियोगिता में सफलता मिलती है, तो उसे अपनी मेहनत का एक पड़ाव मानें. अगला लक्ष्य तय करें और तैयारी जारी रखें. एक सफलता के बाद लापरवाह होने के बजाय अपनी मेहनत और अच्छी आदतों को बनाए रखना जरूरी है.</p>
<h3 style="text-align: justify;"><strong>अलग सोचें और कुछ नया करने का साहस रखें</strong></h3>
<p style="text-align: justify;">डॉ. कलाम छात्रों को अपनी सोच विकसित करने, नए विचारों पर काम करने और मुश्किलों से घबराए बिना आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे. उनका मानना था कि युवाओं में देश को आगे ले जाने की क्षमता है. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन बताता है कि सफलता के लिए बड़े सपनों के साथ मेहनत, अनुशासन और सीखने की इच्छा भी जरूरी है. उनकी जयंती पर छात्र उनके विचारों से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य तय कर सकते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए नियमित रूप से प्रयास कर सकते हैं.&nbsp;</p>
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Source Credit: abplive.com
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