अक्षर साधना के लिए दांव पर लगाई जिंदगी, लेकिन रुकने नहीं दिया पढ़ाने का सफर
Madhya Pradesh 05 Sep 2026, 09:26 PM

अक्षर साधना के लिए दांव पर लगाई जिंदगी, लेकिन रुकने नहीं दिया पढ़ाने का सफर

Patrika
@patrika
रतलाम. ’शिक्षक’ सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को गढऩे का एक पावन संकल्प है। इस पंक्ति को अपने रक्त और पसीने से चरितार्थ किया है शासकीय हाई स्कूल थंब गुराडिय़ा के समर्पित शिक्षक संजय गौड़ ने। जब अपनी ही सांसों पर संकट मंडरा रहा हो और शरीर का हर अंग असहनीय पीड़ा से चिल्ला रहा हो, तब भी किसी और के बच्चों के भविष्य की ङ्क्षचता में खुद को मिटा देना…यह समर्पण केवल एक सच्चे गुरु ही दिखा सकते हैं।
Source Credit: patrika.com
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