Madhya Pradesh
06 Nov 2026, 08:30 PM
अंचल के 84 सरकारी कॉलेजों में सिर्फ 1 नियमित प्राचार्य, बाकी प्रभारियों के हवाले
News Patrika
@newspatrika
ग्वालियर. सरकार ग्वालियर-चंबल अंचल को एजुकेशन हब बनाने के लाख दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि यहां की उच्च शिक्षा खुद बैसाखियों के सहारे रेंग रही है। अंचल के यूजी और पीजी के 84 शासकीय कॉलेजों की कमान संभालने के लिए सरकार के पास नियमित प्राचार्य तक नहीं हैं। स्थिति इतनी शर्मनाक है कि 84 में से 83 कॉलेज सिर्फ प्रभारी प्राचार्यों (प्रोफेसरों) के भरोसे चल रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग इस लचर व्यवस्था से पूरी तरह वाकिफ है, फिर भी सब कुछ रामभरोसे छोड़ दिया गया है। एक ओर सरकार हर साल नए कॉलेज खोलकर वाहवाही लूटने में लगी है, तो दूसरी ओर इन संस्थानों में नेतृत्व का भारी टोटा है। ग्वालियर जिले के 14 सरकारी कॉलेजों का हाल तो और भी बुरा है। जिले का सबसे प्रमुख लीड कॉलेज (शासकीय माधवराव ङ्क्षसधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय) हो या फिर प्रतिष्ठित केआरजी, एमएलबी, साइंस और भागवत सहाय कॉलेज सभी जगह प्रभारवाद की बीमारी जड़ जमा चुकी है। पढ़ाने वाले प्रोफेसरों के कंधों पर प्राचार्य की प्रशासनिक जिम्मेदारी थोप दी गई है, जिससे न तो वे ठीक से कॉलेज चला पा रहे हैं और न ही छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान दे पा रहे हैं।
Source Credit: patrika.com
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