Aaj Ka Panchang 2 November 2026: अष्टमी 1:10 बजे तक, राहुकाल 7:56 से, जानें शुभ समय और पंचांग
02 Nov 2026, 10:02 AM

Aaj Ka Panchang 2 November 2026: अष्टमी 1:10 बजे तक, राहुकाल 7:56 से, जानें शुभ समय और पंचांग

ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Aaj Ka Panchang:</strong> 2 नवंबर 2026, सोमवार को नई दिल्ली में कार्तिक कृष्ण अष्टमी दोपहर 1:10 बजे तक रहेगी. इसके बाद नवमी शुरू होगी. राहुकाल सुबह 7:56 से 9:19 बजे तक है. आज के पंचांग में चंद्रोदय रात 12:45 बजे दिया गया है, लेकिन ध्यान रखें तब तारीख 3 नवंबर हो चुकी होगी.</p>
<p style="text-align: justify;">चंद्रमा सोमवार के दिन और शाम को कर्क राशि में रहेगा. सिंह राशि में उसका प्रवेश भी अगले दिन की भोर में होगा. आश्लेषा से मघा नक्षत्र का परिवर्तन उसी समय होगा, हालांकि गंडमूल जारी रहेगा. पूजा या किसी नए काम का समय देखते हुए इन बदलावों की तारीख भी साथ पढ़ें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का पंचांग एक नजर में</h3>
<p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/HT0bHTAjhV8?si=LJ4KfYpSwuDuts2L" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">वार- सोमवार<br />पूर्णिमांत मास- कार्तिक<br />अमांत मास- आश्विन<br />पक्ष- कृष्ण पक्ष<br />तिथि- अष्टमी दोपहर 1:10 बजे तक, फिर नवमी<br />नक्षत्र- आश्लेषा 3 नवंबर सुबह 3:46 बजे तक, फिर मघा<br />योग- शुभ दोपहर 12:07 बजे तक, फिर शुक्ल<br />सूर्य- राशि <a title="तुला" href="https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal" data-type="interlinkingkeywords">तुला</a><br />चंद्र- राशि कर्क, 3 नवंबर सुबह 3:46 बजे से सिंह<br />सूर्योदय सुबह- 6:34 बजे<br />सूर्यास्त शाम- 5:35 बजे<br />चंद्रास्त 2 नवंबर- दोपहर 1:23 बजे<br />चंद्रोदय 3 नवंबर- रात 12:45 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है. तालिका में चंद्रास्त सोमवार की दोपहर का है, जबकि चंद्रोदय सोमवार की रात बीतने के बाद होगा.</p>
<h3 style="text-align: justify;">चंद्रोदय में 3 नवंबर की तारीख क्यों है?</h3>
<p style="text-align: justify;">कैलेंडर की तारीख रात 12 बजे बदल जाती है. पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना जाता है. इसी कारण 2 नवंबर के पंचांग में आधी रात के बाद होने वाला चंद्रोदय भी शामिल है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसलिए रात 12:45 बजे को 2 नवंबर शुरू होने के तुरंत बाद का समय न समझें. यहां बात 2 नवंबर की रात समाप्त होने के बाद, मंगलवार 3 नवंबर के पहले घंटे की है. चंद्रमा के सिंह राशि में प्रवेश का सुबह 3:46 बजे का समय भी मंगलवार का ही है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">दिन में कब बदलेगी तिथि और योग?</h3>
<p style="text-align: justify;">दोपहर 12:07 बजे शुभ योग समाप्त होगा और शुक्ल योग शुरू हो जाएगा. इसके बाद 1:10 बजे अष्टमी समाप्त होकर नवमी आएगी. इसी समय कौलव करण की जगह तैतिल शुरू होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">अष्टमी की समाप्ति नियमित पूजा बंद करने का समय नहीं है. सुबह पूजा के संकल्प में अष्टमी और दोपहर 1:10 बजे के बाद नवमी आएगी.</p>
<p style="text-align: justify;">अहोई अष्टमी का व्रत 1 नवंबर को रखा गया था. आज दोपहर तक अष्टमी रहने का अर्थ यह नहीं कि अहोई का व्रत या उसकी शाम की पूजा आज भी है. पर्व का निर्णय संबंधित पूजा-काल के आधार पर होता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">सोमवार के शुभ मुहूर्त क्या हैं?</h3>
<p style="text-align: justify;">ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:50-5:42 बजे<br />अभिजीत मुहूर्त:  सुबह 11:42-दोपहर 12:27 बजे<br />विजय मुहूर्त: दोपहर 1:55-2:39 बजे<br />गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:35-6:01 बजे<br />निशिता मुहूर्त: 2 नवंबर रात 11:39 से 3 नवंबर रात 12:31 बजे तक<br />अमृत काल: 3 नवंबर सुबह 2:13-3:46 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">आज अभिजीत का शुरुआती हिस्सा यमगण्ड में पड़ेगा. यमगण्ड दोपहर 12:04 बजे समाप्त होगा. उसके बाद अभिजीत 12:27 बजे तक रहेगा, लेकिन उसी समय से दुर्मुहूर्त शुरू हो जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">विजय मुहूर्त पूरी तरह गुलिक काल में आएगा. शाम का गोधूलि मुहूर्त वर्ज्य में पड़ेगा. किसी विशेष आयोजन का समय चुनते हुए केवल एक शुभ मुहूर्त की सूची पर निर्भर न रहें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">राहुकाल और दूसरे अशुभ समय</h3>
<p style="text-align: justify;">राहुकाल: सुबह 7:56-9:19 बजे<br />यमगण्ड: सुबह 10:42-दोपहर 12:04 बजे<br />गुलिक काल: दोपहर 1:27-2:50 बजे<br />दुष्टमुहूर्त:दोपहर 12:27-1:11 बजे<br />दूसरा दुष्टमुहूर्त: दोपहर 2:39-3:23 बजे<br />वर्ज्य: शाम 4:55-6:28 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">ये समय परंपरागत रूप से नए शुभ कार्यों की शुरुआत में देखे जाते हैं. रोज की पूजा, नौकरी और सामान्य दिनचर्या के लिए इन्हें पूरे दिन की मनाही न समझें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आश्लेषा समाप्त होने पर भी गंडमूल क्यों रहेगा?</h3>
<p style="text-align: justify;">पंचांग में आज पूरे दिन गंडमूल दर्ज है. आश्लेषा नक्षत्र 3 नवंबर सुबह 3:46 बजे समाप्त होगा, लेकिन उसके बाद मघा शुरू होगा. दोनों नक्षत्र गंडमूल की श्रेणी में आते हैं. इसलिए नक्षत्र बदलने को गंडमूल की समाप्ति न मानें.</p>
<p style="text-align: justify;">तैतिल करण 3 नवंबर रात 12:29 बजे तक रहेगा, फिर गर करण शुरू होगा. अडाल योग सुबह 6:34 बजे से अगली भोर 3:46 बजे तक और उसके बाद विडाल योग अगले सूर्योदय तक दर्ज है. भद्रा, नक्षत्र पंचक, सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, रवि, द्विपुष्कर और त्रिपुष्कर योग आज के दैनिक विवरण में सूचीबद्ध नहीं हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की 3 जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;">- अष्टमी दोपहर 1:10 बजे समाप्त होगी. इसके बाद नवमी रहेगी.<br />- चंद्रोदय 3 नवंबर रात 12:45 बजे और चंद्रमा का सिंह में प्रवेश सुबह 3:46 बजे होगा.<br />- आश्लेषा से मघा में नक्षत्र बदलने के बाद भी गंडमूल जारी रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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