उग्रवादियों ने मांगी थी 54 करोड़ की फिरौती, रतन टाटा ने पांच लाख भी नहीं दिए
09 Oct 2026, 07:12 PM

उग्रवादियों ने मांगी थी 54 करोड़ की फिरौती, रतन टाटा ने पांच लाख भी नहीं दिए

News Patrika
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रतन टाटा एक ऐसे व्यक्ति थे, जो ‘शॉर्ट-कट’ नहीं अपनाना चाहते थे। वह विपत्तियों से निकलने के लिए भी गलत रास्ता अपनाने के पक्ष में नहीं रहते थे। इसका प्रमाण उन्होंने जीवन में कई बार दिया। रतन टाटा सितंबर 1955 में पढ़ने के लिए अमेरिका के कॉर्नेल यूनिवर्सिटी गए थे। वह कुलीन और धनवान परिवार से ताल्लुक रखते थे। इसके बावजूद अमेरिका में वह रंगभेद और भेदभाव का शिकार होने से बच नहीं सके थे। लेकिन, इसका उन्होंने बहादुरी से सामना किया। रतन टाटा गज़ब के हिम्मती और साहसी थे। अमेरिका में एक बार उनके दो दोस्तों ने रात में उनके कमरे पर धावा बोलने की साजिश रची। पटाखे और शेविंग क्रीम आदि लेकर रात को उन्होंने धावा बोल दिया, लेकिन रतन टाटा ने डरने के बजाय मार्शल आर्ट्स का जबर्दस्त ज़ोर दिखाया और सबको हैरान कर दिया। इससे पहले कम ही लोगों को पता था कि उन्होंने जूडो का प्रशिक्षण लिया हुआ था। रतन टाटा पंजा लड़ाने के खेल में भी उस्ताद थे।
Source Credit: patrika.com
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