08 Oct 2026, 02:32 PM
13 साल की उम्र में फिल्मों के पोस्टर रंगे, 35 रुपये महीना कमाया: गरीबी से सुपरस्टार बनने की नाना की अनकही कहानी
ABP News
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<p style="text-align: justify;">हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर ने 75 साल की उम्र में गोवा में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. कार्डियक अरेस्ट से उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उन्हें बाचाया नहीं जा सका. बॉलीवुड के शानदार एक्टर्स में गिने जाने वाले नाना ने संघर्ष से सफलता तक का शानदार सफर तय किया था. बॉलीवुड में आने से पहले वो थिएटर किया करते थे और बचपन में उन्होंने फिल्मों के पोस्टर कलर करने का काम भी किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नाना पाटेकर का असली नाम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">75 साल की उम्र में दुनिया छोड़ने वाले नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उन्हें बचपन में उनकी मां की एक सहेली प्यार से नाना कहा करती थी. बाद में एक्टर ने अपना नाम नाना ही रख लिया था. नाना का जन्म महाराष्ट्र के मुरुड में 1 जनवरी 1951 को हुआ था.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/08/787eb726255135c0fa1d922ef6b706e917914349095041064_original.jpg" /></p>
<p><strong>13 की उम्र में रंगे फिल्मों के पोस्टर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नाना पाटेकर का जन्म महाराष्ट्र के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. बचपन में एक्टर को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था. इसके चलते महज 13 साल की उम्र में उन्होंने फिल्मों के पोस्टर और जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने का काम किया था. इतना ही नहीं अभिनेता ने लॉटरी की टिकट भी बेची थी और चाय की दुकान भी चलाई.</p>
<p><strong>कभी 35 रुपये महीना कमाते थे नाना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्ट्स बताती हैं कि अभिनेता स्कूल से आने के बाद मुंबई के चुनाभट्टी इलाके में काम करते थे. इसके लिए वो कई किलोमीटर पैदल आना-जाना करते थे और बदले में अभिनेता को महीने के सिर्फ 35 रुपये मिला करते थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/08/c9026301976f84805568a8b3c3aedf4f17914349382891064_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>थिएटर के दौरान मिलते थे 750 रुपये</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट से पढ़ाई करने वाले नाना पाटेकर ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत थिएटर के जरिए की थी. अभिनेता ने एक बातचीत में बताया था कि थिएटर में शुरुआती दौर में वो नाटकों से महीने के 750 रुपये तक कमा लिया करते थे. बता दें कि ये साल 1978 के आस-पास की बात है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>निगेटिव रोल से किया बॉलीवुड डेब्यू</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नाना पाटेकर ने थिएटर में कई साल काम करने के बाद बड़े पर्दे का रुख किया था. बॉलीवुड में उनकी शुरुआत साल 1978 में आई फिल्म 'गमन' से हुई थी. हालांकि वो हीरो या सपोर्टिंग एक्टर नहीं बल्कि विलेन के रोल में नजर आए थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/08/e0d289a99e5f4cc6e847cd45c61103c217914351368231064_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'अंकुश' से मिली पहली बड़ी पहचान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नाना पाटेकर मराठी सिनेमा में भी काफी एक्टिव रहे. अंकुश से बॉलीवुड डेब्यू करने के बाद वो 'सिंहासन' (1979), 'आह्वान' (1982) और 'माफीचा साक्षदार' जैसी मराठी फिल्मों में नजर आए. एक्टर को पहली बड़ी और खास पहचान साल 1986 की फिल्म 'अंकुश' से मिली थी. 40 साल पुरानी ये मूवी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नाना पाटेकर की बेहतरीन फिल्में</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अंकुश से बड़ी पहचान हासिल करने वाले नाना पाटेकर ने फिर साल 1989 की फिल्म 'परिंदा' के जरिए खुद को इंडट्री में बेहतरीन एक्टर के रूप में स्थापित किया था. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. परिंदा में उन्होंने विलेन का रोल निभाया था और अपने शानदार काम के लिए एक्टर को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/08/d1d042b71475fdce9b11af73df9e25d117914349683561064_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><a title="नाना पाटेकर" href="https://www.abplive.com/topic/nana-patekar" data-type="interlinkingkeywords">नाना पाटेकर</a> ने आगे जाकर 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'गुलाम ए मुस्तफा', 'वेलकम', 'अब तक छप्पन' सहित कई बेहतरीन फिल्मों में अपने उम्दा अभिनय से दर्शकों का दिल जीता. क्रांतिवीर, तिरंगा और गुलाम ए मुस्तफा जैसी फिल्मों में बोले गए उनके डायलॉग आज सालों बाद भी काफी पसंद किए जाते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">नाना ने अपने करियर में न सिर्फ गंभीर किरदार निभाए, बल्कि अक्षय कुमार और <a title="कैटरीना कैफ" href="https://www.abplive.com/topic/katrina-kaif" data-type="interlinkingkeywords">कैटरीना कैफ</a> की साल 2007 के बेहतरीन फिल्म 'वेलकम' में कॉमेडी करके भी फैंस को हैरान कर दिया. वेलकम भी उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही. इसमें उन्होंने डॉन उदय शेट्टी के किरदार से महफिल लूट ली थी. उनका ये आइकॉनिक कॉमेडी किरदार दर्शकों ने खूब पसंद किया.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नाना पाटेकर का असली नाम</strong></p>
<p style="text-align: justify;">75 साल की उम्र में दुनिया छोड़ने वाले नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था. उन्हें बचपन में उनकी मां की एक सहेली प्यार से नाना कहा करती थी. बाद में एक्टर ने अपना नाम नाना ही रख लिया था. नाना का जन्म महाराष्ट्र के मुरुड में 1 जनवरी 1951 को हुआ था.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/08/787eb726255135c0fa1d922ef6b706e917914349095041064_original.jpg" /></p>
<p><strong>13 की उम्र में रंगे फिल्मों के पोस्टर</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नाना पाटेकर का जन्म महाराष्ट्र के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था. बचपन में एक्टर को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा था. इसके चलते महज 13 साल की उम्र में उन्होंने फिल्मों के पोस्टर और जेब्रा क्रॉसिंग पेंट करने का काम किया था. इतना ही नहीं अभिनेता ने लॉटरी की टिकट भी बेची थी और चाय की दुकान भी चलाई.</p>
<p><strong>कभी 35 रुपये महीना कमाते थे नाना</strong></p>
<p style="text-align: justify;">रिपोर्ट्स बताती हैं कि अभिनेता स्कूल से आने के बाद मुंबई के चुनाभट्टी इलाके में काम करते थे. इसके लिए वो कई किलोमीटर पैदल आना-जाना करते थे और बदले में अभिनेता को महीने के सिर्फ 35 रुपये मिला करते थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/08/c9026301976f84805568a8b3c3aedf4f17914349382891064_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>थिएटर के दौरान मिलते थे 750 रुपये</strong></p>
<p style="text-align: justify;">सर जे.जे. इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट से पढ़ाई करने वाले नाना पाटेकर ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत थिएटर के जरिए की थी. अभिनेता ने एक बातचीत में बताया था कि थिएटर में शुरुआती दौर में वो नाटकों से महीने के 750 रुपये तक कमा लिया करते थे. बता दें कि ये साल 1978 के आस-पास की बात है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>निगेटिव रोल से किया बॉलीवुड डेब्यू</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नाना पाटेकर ने थिएटर में कई साल काम करने के बाद बड़े पर्दे का रुख किया था. बॉलीवुड में उनकी शुरुआत साल 1978 में आई फिल्म 'गमन' से हुई थी. हालांकि वो हीरो या सपोर्टिंग एक्टर नहीं बल्कि विलेन के रोल में नजर आए थे.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/08/e0d289a99e5f4cc6e847cd45c61103c217914351368231064_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>'अंकुश' से मिली पहली बड़ी पहचान</strong></p>
<p style="text-align: justify;">नाना पाटेकर मराठी सिनेमा में भी काफी एक्टिव रहे. अंकुश से बॉलीवुड डेब्यू करने के बाद वो 'सिंहासन' (1979), 'आह्वान' (1982) और 'माफीचा साक्षदार' जैसी मराठी फिल्मों में नजर आए. एक्टर को पहली बड़ी और खास पहचान साल 1986 की फिल्म 'अंकुश' से मिली थी. 40 साल पुरानी ये मूवी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नाना पाटेकर की बेहतरीन फिल्में</strong></p>
<p style="text-align: justify;">अंकुश से बड़ी पहचान हासिल करने वाले नाना पाटेकर ने फिर साल 1989 की फिल्म 'परिंदा' के जरिए खुद को इंडट्री में बेहतरीन एक्टर के रूप में स्थापित किया था. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. परिंदा में उन्होंने विलेन का रोल निभाया था और अपने शानदार काम के लिए एक्टर को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था.</p>
<p style="text-align: justify;"><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/10/08/d1d042b71475fdce9b11af73df9e25d117914349683561064_original.jpg" /></p>
<p style="text-align: justify;"><a title="नाना पाटेकर" href="https://www.abplive.com/topic/nana-patekar" data-type="interlinkingkeywords">नाना पाटेकर</a> ने आगे जाकर 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा', 'गुलाम ए मुस्तफा', 'वेलकम', 'अब तक छप्पन' सहित कई बेहतरीन फिल्मों में अपने उम्दा अभिनय से दर्शकों का दिल जीता. क्रांतिवीर, तिरंगा और गुलाम ए मुस्तफा जैसी फिल्मों में बोले गए उनके डायलॉग आज सालों बाद भी काफी पसंद किए जाते हैं.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">नाना ने अपने करियर में न सिर्फ गंभीर किरदार निभाए, बल्कि अक्षय कुमार और <a title="कैटरीना कैफ" href="https://www.abplive.com/topic/katrina-kaif" data-type="interlinkingkeywords">कैटरीना कैफ</a> की साल 2007 के बेहतरीन फिल्म 'वेलकम' में कॉमेडी करके भी फैंस को हैरान कर दिया. वेलकम भी उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही. इसमें उन्होंने डॉन उदय शेट्टी के किरदार से महफिल लूट ली थी. उनका ये आइकॉनिक कॉमेडी किरदार दर्शकों ने खूब पसंद किया.</p>
Source Credit: abplive.com
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