04 Nov 2026, 12:52 PM
Aaj Ka Mithun Rashifal 4 November 2026: तीसरे चंद्रमा से बढ़ेगा पराक्रम, पैतृक व्यापार में बंपर बिक्री के योग
ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Aaj Ka Mithun Rashifal 4 November 2026:</strong> ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के अनुसार, चंद्रमा आज आपकी राशि से तीसरे भाव यानी तृतीय भाव (पराक्रम, भाई-बहन, साहस, संचार व सहज बुद्धि) में सिंह राशि में संचरण कर रहे हैं. तीसरे भाव में चंद्रमा की उपस्थिति से आपका स्वभाव सहज व संवेदनशील रहेगा और आप दूसरों की भावनाओं को बहुत गहराई से समझ सकेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, सिंह राशि में चंद्रमा-केतु के ग्रहण दोष के चलते कार्यक्षेत्र में अपनी वाणी पर संयम रखना और बातचीत में कड़वाहट से बचना बेहद आवश्यक होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आज का पंचांग और ग्रह गोचर (Aaj Ka Panchang 4 November 2026)</strong><br /><strong>दिनांक:</strong> 4 नवंबर 2026, बुधवार</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तिथि:</strong> कार्तिक कृष्ण पक्ष दशमी तिथि सुबह 11:04 बजे तक, तत्पश्चात एकादशी तिथि</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नक्षत्र:</strong> पूरे दिन-रात पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुभ योग:</strong> वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, लक्ष्मीनारायण योग, बुधादित्य योग, गजकेसरी योग, ब्रह्म योग और ऐन्द्र योग</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अशुभ योग:</strong> चंद्रमा सिंह राशि में केतु के साथ युति में रहने से चंद्रमा-केतु का ग्रहण दोष प्रभावी रहेगा</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चंद्र गोचर:</strong> चंद्रमा पूरे दिन-रात सिंह राशि (आपकी राशि से 3वें भाव) में संचरण करेंगे</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुभ मुहूर्त (चौघड़िया):</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सांध्य काल: शाम 05:15 से 06:15 बजे तक (लाभ का चौघड़िया)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अशुभ समय (राहुकाल): दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक राहुकाल रहेगा (इस दौरान नवीन वित्तीय सौदे या जोखिम भरे कार्य शुरू करने से बचें)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुभ यात्रा दिशा: उत्तर दिशा</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बिजनेस और वित्तीय लाभ (Business &amp; Ancestral Trade)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>परिस्थितियों पर नियंत्रण, पैतृक व्यापार में भारी बिक्री:</strong> व्यापारिक दृष्टिकोण से त्योहारी सीजन में आप बिना किसी बड़ी उलझन के सभी कारोबारी परिस्थितियों को अपने पक्ष में मोड़ने में सफल रहेंगे. पैतृक व्यवसाय (Ancestral Business) से जुड़े लोग दिन के शुरुआती हिस्से में दुकान और घरेलू कामकाज के बीच संतुलन बनाने में व्यस्त रहेंगे. दोपहर बाद कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है, जिससे माल की बिक्री में अचानक जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कानूनी अड़चनों से राहत, विस्तार की बनेगी योजना:</strong> ब्रह्म और ऐन्द्र योग का शुभ प्रभाव मिलने से लंबे समय से चली आ रही कानूनी या कागजी बाधाएं दूर होंगी. इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप भविष्य के लिए कारोबार विस्तार (Business Expansion) का नया खाका तैयार कर सकेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>करियर और नौकरी (Career &amp; Workplace)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऑफिस में बॉस का पूरा सहयोग, प्रोजेक्ट होगा पूरा:</strong> नौकरीपेशा जातकों के लिए दिन काफी सकारात्मक रहेगा. दफ्तर में किसी जटिल प्रोजेक्ट को समय पर निपटाने के लिए आपको अपने सीनियर्स और बॉस का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे काम का बोझ हल्का होगा और आउटपुट शानदार रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वाणी पर रखें नियंत्रण, जल्दबाजी से बचें:</strong> कार्यस्थल पर चंद्रमा-केतु के ग्रहण दोष के प्रभाव से सहकर्मियों के साथ बातचीत में कटुता आ सकती है. गुस्से या अधीरता में आकर ऐसी बात न कहें जिससे किसी को ठेस पहुंचे. दफ्तर में कोई भी काम हड़बड़ाहट में न करें, अन्यथा बनी-बनाई बात बिगड़ सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लव, फैमिली, छात्र व स्वास्थ्य (Family, Students &amp; Behaviour)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दांपत्य में मिठास, परिजनों संग बाहर जाने की योजना:</strong> दांपत्य जीवन सुखद और आनंदमय रहेगा. घर और बाहर दोनों जगह प्रसन्नता का माहौल बना रहेगा. परिवार के सदस्यों का हर कदम पर सहयोग मिलेगा और शाम के समय कहीं बाहर घूमने-फिरने का प्लान बन सकता है. हालांकि, अपने कटु शब्दों या रूखे व्यवहार से किसी अपने का दिल दुखाने से बचें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>छात्र, कलाकार व खिलाड़ी लक्ष्य पर केंद्रित:</strong> विद्यार्थी वर्ग, कला जगत से जुड़े जातक और खिलाड़ी (Sports Persons) अपने करियर को नई ऊंचाई देने के लिए पूरी लगन के साथ अपने-अपने क्षेत्र में डटे रहेंगे. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, बस दिनचर्या में नियमितता बनाए रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लकी कलर: पिंक (गुलाबी)</strong><br /><strong>लकी नंबर: 3</strong><br /><strong>अनलकी नंबर: 4</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बुधवार विशेष अचूक उपाय:</strong> बुधवार और तीसरे भाव पर ग्रहण दोष के प्रभाव को शांत करने हेतु प्रातः काल भगवान गणेश को 11 या 21 दूर्वा की गांठें और बूंदी के लड्डू अर्पित करें तथा 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार जप करें.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इसके साथ ही भगवान शिव का जलाभिषेक करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का ध्यान करें. किसी जरूरतमंद को साबुत मूंग, हरे फल या हरी सब्जियां दान करें. इससे बातचीत में सौम्यता आएगी, व्यापार में धन लाभ बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र की बाधाएं दूर होंगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
<p style="text-align: justify;">हालांकि, सिंह राशि में चंद्रमा-केतु के ग्रहण दोष के चलते कार्यक्षेत्र में अपनी वाणी पर संयम रखना और बातचीत में कड़वाहट से बचना बेहद आवश्यक होगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>आज का पंचांग और ग्रह गोचर (Aaj Ka Panchang 4 November 2026)</strong><br /><strong>दिनांक:</strong> 4 नवंबर 2026, बुधवार</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>तिथि:</strong> कार्तिक कृष्ण पक्ष दशमी तिथि सुबह 11:04 बजे तक, तत्पश्चात एकादशी तिथि</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>नक्षत्र:</strong> पूरे दिन-रात पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुभ योग:</strong> वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, लक्ष्मीनारायण योग, बुधादित्य योग, गजकेसरी योग, ब्रह्म योग और ऐन्द्र योग</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अशुभ योग:</strong> चंद्रमा सिंह राशि में केतु के साथ युति में रहने से चंद्रमा-केतु का ग्रहण दोष प्रभावी रहेगा</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>चंद्र गोचर:</strong> चंद्रमा पूरे दिन-रात सिंह राशि (आपकी राशि से 3वें भाव) में संचरण करेंगे</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुभ मुहूर्त (चौघड़िया):</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>सांध्य काल: शाम 05:15 से 06:15 बजे तक (लाभ का चौघड़िया)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>अशुभ समय (राहुकाल): दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक राहुकाल रहेगा (इस दौरान नवीन वित्तीय सौदे या जोखिम भरे कार्य शुरू करने से बचें)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>शुभ यात्रा दिशा: उत्तर दिशा</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बिजनेस और वित्तीय लाभ (Business &amp; Ancestral Trade)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>परिस्थितियों पर नियंत्रण, पैतृक व्यापार में भारी बिक्री:</strong> व्यापारिक दृष्टिकोण से त्योहारी सीजन में आप बिना किसी बड़ी उलझन के सभी कारोबारी परिस्थितियों को अपने पक्ष में मोड़ने में सफल रहेंगे. पैतृक व्यवसाय (Ancestral Business) से जुड़े लोग दिन के शुरुआती हिस्से में दुकान और घरेलू कामकाज के बीच संतुलन बनाने में व्यस्त रहेंगे. दोपहर बाद कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है, जिससे माल की बिक्री में अचानक जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कानूनी अड़चनों से राहत, विस्तार की बनेगी योजना:</strong> ब्रह्म और ऐन्द्र योग का शुभ प्रभाव मिलने से लंबे समय से चली आ रही कानूनी या कागजी बाधाएं दूर होंगी. इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप भविष्य के लिए कारोबार विस्तार (Business Expansion) का नया खाका तैयार कर सकेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>करियर और नौकरी (Career &amp; Workplace)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ऑफिस में बॉस का पूरा सहयोग, प्रोजेक्ट होगा पूरा:</strong> नौकरीपेशा जातकों के लिए दिन काफी सकारात्मक रहेगा. दफ्तर में किसी जटिल प्रोजेक्ट को समय पर निपटाने के लिए आपको अपने सीनियर्स और बॉस का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे काम का बोझ हल्का होगा और आउटपुट शानदार रहेगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>वाणी पर रखें नियंत्रण, जल्दबाजी से बचें:</strong> कार्यस्थल पर चंद्रमा-केतु के ग्रहण दोष के प्रभाव से सहकर्मियों के साथ बातचीत में कटुता आ सकती है. गुस्से या अधीरता में आकर ऐसी बात न कहें जिससे किसी को ठेस पहुंचे. दफ्तर में कोई भी काम हड़बड़ाहट में न करें, अन्यथा बनी-बनाई बात बिगड़ सकती है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लव, फैमिली, छात्र व स्वास्थ्य (Family, Students &amp; Behaviour)</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>दांपत्य में मिठास, परिजनों संग बाहर जाने की योजना:</strong> दांपत्य जीवन सुखद और आनंदमय रहेगा. घर और बाहर दोनों जगह प्रसन्नता का माहौल बना रहेगा. परिवार के सदस्यों का हर कदम पर सहयोग मिलेगा और शाम के समय कहीं बाहर घूमने-फिरने का प्लान बन सकता है. हालांकि, अपने कटु शब्दों या रूखे व्यवहार से किसी अपने का दिल दुखाने से बचें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>छात्र, कलाकार व खिलाड़ी लक्ष्य पर केंद्रित:</strong> विद्यार्थी वर्ग, कला जगत से जुड़े जातक और खिलाड़ी (Sports Persons) अपने करियर को नई ऊंचाई देने के लिए पूरी लगन के साथ अपने-अपने क्षेत्र में डटे रहेंगे. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, बस दिनचर्या में नियमितता बनाए रखें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>लकी कलर: पिंक (गुलाबी)</strong><br /><strong>लकी नंबर: 3</strong><br /><strong>अनलकी नंबर: 4</strong></p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बुधवार विशेष अचूक उपाय:</strong> बुधवार और तीसरे भाव पर ग्रहण दोष के प्रभाव को शांत करने हेतु प्रातः काल भगवान गणेश को 11 या 21 दूर्वा की गांठें और बूंदी के लड्डू अर्पित करें तथा 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार जप करें.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">इसके साथ ही भगवान शिव का जलाभिषेक करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का ध्यान करें. किसी जरूरतमंद को साबुत मूंग, हरे फल या हरी सब्जियां दान करें. इससे बातचीत में सौम्यता आएगी, व्यापार में धन लाभ बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र की बाधाएं दूर होंगी.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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