06 Nov 2026, 02:51 PM
धनतेरस पर सोना खरीदते समय ऐसे बचाएं हजारों रुपए, समझें मेकिंग चार्जेज का हिसाब- किताब
ABP News
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<p style="text-align: justify;">धनतेरस पर सोना खरीदना कई परिवारों की परंपरा है. कोई इस दिन सिक्के खरीदता है तो कोई अंगूठी और चेन. लेकिन सोने की जूलरी खरीदते समय ज्यादातर लोग सिर्फ 22 या 24 कैरेट का भाव पूछते हैं. इसके बाद ज्वेलर जो फाइनल बिल बताता है, उसी के हिसाब से पेमेंट कर देते हैं. जबकि इस बिल में एक ऐसा चार्ज भी शामिल होता है, जिस पर ध्यान देकर आप हजारों रुपए बचा सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">ये चार्ज है मेकिंग चार्ज. जूलरी बनाने की मजदूरी और डिजाइन की लागत के नाम पर ये पैसा लिया जाता है. अलग-अलग ज्वेलर इसे अलग तरीके से वसूलते हैं. कहीं प्रति ग्राम के हिसाब से तो कहीं सोने की कीमत का प्रतिशत लगाकर ये चार्ज लिया जाता है. ऐसे में खरीदारी से पहले इसका हिसाब समझना जरूरी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मेकिंग चार्ज कैसे लगाया जाता है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज वसूलने के दो तरीके अपनाते हैं. पहला तरीका है प्रति ग्राम के हिसाब से फिक्स रकम लेना. जैसे अगर ज्वेलर 300 रुपए प्रति ग्राम मेकिंग चार्ज लेता है और आप 8 ग्राम की जूलरी खरीदते हैं तो आपको 2,400 रुपए देने होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">दूसरे तरीके में ज्वेलर सोने की कीमत का एक तय प्रतिशत मेकिंग चार्ज के तौर पर लेता है. मान लीजिए, 8 ग्राम जूलरी में इस्तेमाल सोने की कीमत 40,000 रुपए है और मेकिंग चार्ज 12 फीसदी है. ऐसे में आपको 4,800 रुपए मेकिंग चार्ज देना होगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे बचेंगे 2400 रुपए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मान लीजिए आप 8 ग्राम की जूलरी खरीद रहे हैं और सोने की कीमत 10 ग्राम के हिसाब से 50,000 रुपए है. इस हिसाब से 8 ग्राम सोने की कीमत 40,000 रुपए होगी.&nbsp;</p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 33.3333%;">खर्च का हिसाब</td>
<td style="width: 33.3333%;">फिक्स चार्ज</td>
<td style="width: 33.3333%;">12% मेकिंग चार्ज</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 33.3333%;">सोने की कीमत</td>
<td style="width: 33.3333%;">40,000</td>
<td style="width: 33.3333%;">40,000</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 33.3333%;">मेकिंग चार्ज</td>
<td style="width: 33.3333%;">2,400</td>
<td style="width: 33.3333%;">4,800</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 33.3333%;">टोटल पैसे</td>
<td style="width: 33.3333%;">42,000</td>
<td style="width: 33.3333%;">44,800</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>किन तरीकों से कम कर सकते हैं मेकिंग चार्ज?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">1. दो-तीन दुकानों पर रेट जरूर पूछें. एक ही डिजाइन या वजन की जूलरी के लिए अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज में अंतर हो सकता है. इसलिए खरीदने से पहले कम से कम दो-तीन दुकानों से कीमत पता कर लें.</p>
<p style="text-align: justify;">2.फिक्स और प्रतिशत वाले चार्ज की तुलना करें. सिर्फ यह न पूछें कि मेकिंग चार्ज कितना है. यह भी जानें कि वह प्रति ग्राम लिया जा रहा है या सोने की कीमत का प्रतिशत है. दोनों का हिसाब लगाकर ही फैसला करें.</p>
<p style="text-align: justify;">3.हल्के और मशीन से बने डिजाइन चुनें. बहुत बारीक और भारी कारीगरी वाली जूलरी पर मेकिंग चार्ज ज्यादा हो सकता है. अगर आपका मकसद कम खर्च में गहने खरीदना है, तो साधारण या मशीन से बने डिजाइन देख सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">4.त्योहार के ऑफर का पूरा फायदा उठाएं. धनतेरस और दिवाली के दौरान कई ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज पर छूट देते हैं. लेकिन सिर्फ डिस्काउंट देखकर खरीदारी न करें. पहले टोटल बिल देखें और पता करें कि छूट के बाद वास्तव में कितने पैसे बच रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">5.पुराने सोने के बदले नई जूलरी लेते समय हिसाब देखें. अगर आप पुराना सोना देकर नया गहना खरीद रहे हैं, तो ज्वेलर से पुराने <a title="सोने की कीमत" href="https://www.abplive.com/gold-prices" data-type="interlinkingkeywords">सोने की कीमत</a>, कटौती और नई जूलरी के मेकिंग चार्ज का अलग-अलग हिसाब मांगें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बिल में क्या चेक करना चाहिए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जूलरी खरीदने के बाद बिल को बिना देखे पेमेंट नही करना चाहिए. उसमें सोने की शुद्धता, वजन, उस दिन का गोल्ड रेट, मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और GST की जानकारी साफ-साफ होनी चाहिए. अगर जूलरी में हीरा या कोई दूसरा पत्थर लगा है तो उसका वजन और कीमत भी अलग से पूछें. इसके अलावा BIS हॉलमार्क और छह अंकों वाला HUID नंबर जरूर चेक करें.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">जूलरी के बिल पर आम तौर पर 3 फीसदी GST लगता है. इसलिए मेकिंग चार्ज में छूट मिलने के बाद भी फाइनल बिल जरूर देखें.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/business/elon-musk-lost-rs-7-53-lakh-crore-nvidia-ceo-jensen-huang-drops-out-of-the-list-of-top-10-billionaires-3211595#google_vignette">Elon Musk को 7.53 लाख करोड़ का झटका! टॉप 10 अरबपतियों की लिस्ट से बाहर हुए Nvidia के CEO</a></strong></p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/wRddS3WAs58?si=nMbhpBLqLUTxTOPM" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">ये चार्ज है मेकिंग चार्ज. जूलरी बनाने की मजदूरी और डिजाइन की लागत के नाम पर ये पैसा लिया जाता है. अलग-अलग ज्वेलर इसे अलग तरीके से वसूलते हैं. कहीं प्रति ग्राम के हिसाब से तो कहीं सोने की कीमत का प्रतिशत लगाकर ये चार्ज लिया जाता है. ऐसे में खरीदारी से पहले इसका हिसाब समझना जरूरी है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>मेकिंग चार्ज कैसे लगाया जाता है?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज वसूलने के दो तरीके अपनाते हैं. पहला तरीका है प्रति ग्राम के हिसाब से फिक्स रकम लेना. जैसे अगर ज्वेलर 300 रुपए प्रति ग्राम मेकिंग चार्ज लेता है और आप 8 ग्राम की जूलरी खरीदते हैं तो आपको 2,400 रुपए देने होंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">दूसरे तरीके में ज्वेलर सोने की कीमत का एक तय प्रतिशत मेकिंग चार्ज के तौर पर लेता है. मान लीजिए, 8 ग्राम जूलरी में इस्तेमाल सोने की कीमत 40,000 रुपए है और मेकिंग चार्ज 12 फीसदी है. ऐसे में आपको 4,800 रुपए मेकिंग चार्ज देना होगा.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>कैसे बचेंगे 2400 रुपए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">मान लीजिए आप 8 ग्राम की जूलरी खरीद रहे हैं और सोने की कीमत 10 ग्राम के हिसाब से 50,000 रुपए है. इस हिसाब से 8 ग्राम सोने की कीमत 40,000 रुपए होगी.&nbsp;</p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;" border="1">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 33.3333%;">खर्च का हिसाब</td>
<td style="width: 33.3333%;">फिक्स चार्ज</td>
<td style="width: 33.3333%;">12% मेकिंग चार्ज</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 33.3333%;">सोने की कीमत</td>
<td style="width: 33.3333%;">40,000</td>
<td style="width: 33.3333%;">40,000</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 33.3333%;">मेकिंग चार्ज</td>
<td style="width: 33.3333%;">2,400</td>
<td style="width: 33.3333%;">4,800</td>
</tr>
<tr>
<td style="width: 33.3333%;">टोटल पैसे</td>
<td style="width: 33.3333%;">42,000</td>
<td style="width: 33.3333%;">44,800</td>
</tr>
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</table>
<p style="text-align: justify;"><strong>किन तरीकों से कम कर सकते हैं मेकिंग चार्ज?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">1. दो-तीन दुकानों पर रेट जरूर पूछें. एक ही डिजाइन या वजन की जूलरी के लिए अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज में अंतर हो सकता है. इसलिए खरीदने से पहले कम से कम दो-तीन दुकानों से कीमत पता कर लें.</p>
<p style="text-align: justify;">2.फिक्स और प्रतिशत वाले चार्ज की तुलना करें. सिर्फ यह न पूछें कि मेकिंग चार्ज कितना है. यह भी जानें कि वह प्रति ग्राम लिया जा रहा है या सोने की कीमत का प्रतिशत है. दोनों का हिसाब लगाकर ही फैसला करें.</p>
<p style="text-align: justify;">3.हल्के और मशीन से बने डिजाइन चुनें. बहुत बारीक और भारी कारीगरी वाली जूलरी पर मेकिंग चार्ज ज्यादा हो सकता है. अगर आपका मकसद कम खर्च में गहने खरीदना है, तो साधारण या मशीन से बने डिजाइन देख सकते हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">4.त्योहार के ऑफर का पूरा फायदा उठाएं. धनतेरस और दिवाली के दौरान कई ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज पर छूट देते हैं. लेकिन सिर्फ डिस्काउंट देखकर खरीदारी न करें. पहले टोटल बिल देखें और पता करें कि छूट के बाद वास्तव में कितने पैसे बच रहे हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">5.पुराने सोने के बदले नई जूलरी लेते समय हिसाब देखें. अगर आप पुराना सोना देकर नया गहना खरीद रहे हैं, तो ज्वेलर से पुराने <a title="सोने की कीमत" href="https://www.abplive.com/gold-prices" data-type="interlinkingkeywords">सोने की कीमत</a>, कटौती और नई जूलरी के मेकिंग चार्ज का अलग-अलग हिसाब मांगें.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>बिल में क्या चेक करना चाहिए?</strong></p>
<p style="text-align: justify;">जूलरी खरीदने के बाद बिल को बिना देखे पेमेंट नही करना चाहिए. उसमें सोने की शुद्धता, वजन, उस दिन का गोल्ड रेट, मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और GST की जानकारी साफ-साफ होनी चाहिए. अगर जूलरी में हीरा या कोई दूसरा पत्थर लगा है तो उसका वजन और कीमत भी अलग से पूछें. इसके अलावा BIS हॉलमार्क और छह अंकों वाला HUID नंबर जरूर चेक करें.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">जूलरी के बिल पर आम तौर पर 3 फीसदी GST लगता है. इसलिए मेकिंग चार्ज में छूट मिलने के बाद भी फाइनल बिल जरूर देखें.&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/business/elon-musk-lost-rs-7-53-lakh-crore-nvidia-ceo-jensen-huang-drops-out-of-the-list-of-top-10-billionaires-3211595#google_vignette">Elon Musk को 7.53 लाख करोड़ का झटका! टॉप 10 अरबपतियों की लिस्ट से बाहर हुए Nvidia के CEO</a></strong></p>
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Source Credit: abplive.com
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