05 Nov 2026, 03:58 PM
सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने किया तलब, 3 मामले में होगी पूछताछ
ABP News
@abpnews
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आज कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया है. दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन के क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पूछताछ शुरू होगी. दोनों ही नेता करीब सवा ग्यारह बजे क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे.</p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच सरकारी आदेश का पालन न करने, बिना अनुमति <a title="जंतर-मंतर" href="https://www.abplive.com/topic/jantar-mantar" data-type="interlinkingkeywords">जंतर-मंतर</a> पहुंचने और दूसरे की संपत्ति में प्रवेश करने के मामले में जांच कर रही है. माना जा रहा है कि इन्हें मामलों में उनसे पूछताछ होगी. इससे पहले अक्टूबर में भी दिल्ली पुलिस ने CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रंका को समन भेजा था. हालांकि, वे उस समय पेश नहीं हुए और बाद में पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच के सामने हाजिर होने के वास्ते और समय मांगा.</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">#WATCH | Delhi: CJP leaders Saurabh Das and Ashutosh Ranka reach the Crime Branch office in Rajouri Garden after they were summoned by the agency to join the investigation. https://t.co/O4RcJJM4qy</p>
&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2118219414239883467?ref_src=twsrc%5Etfw">November 5, 2026</a></blockquote>
<p style="text-align: justify;">
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</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले क्राइम ब्रांच को सौंपे गए</strong></p>
<p style="text-align: justify;">CJP नेताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले अक्टूबर में क्राइम ब्रांच को सौंप दिए गए. ये मामले 13 अक्टूबर की उस घटना से जुड़े हैं, जब CJP नेता दास, रंका और अजिंक्य शिंदे 11 अन्य लोगों के साथ जंतर-मंतर में घुस गए थे. दिल्ली पुलिस ने इन सभी को हिरासत में ले लिया था. शिंदे को शांति बनाए रखने के लिए एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया, जबकि दास और रंका एक हफ्ते तक न्यायिक हिरासत में रहे. हालांकि, बाद में दास और रंका को &nbsp;21 अक्टूबर को 50-50 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड पर रिहा किया गया. इसके लिए उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने लिखित बयान देने पड़े. दास और रंका ने भरोसा दिलाया कि वे शांति बनाए रखेंगे और जंतर-मंतर पर तब तक विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे, जब तक कि कानून के अनुसार इस जगह को फिर से विरोध-प्रदर्शन के लिए अधिकृत नहीं कर दिया जाता.</p>
<p style="text-align: justify;"><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/cjECXZY2frc?si=PgMXlyEf0S17r917" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच सरकारी आदेश का पालन न करने, बिना अनुमति <a title="जंतर-मंतर" href="https://www.abplive.com/topic/jantar-mantar" data-type="interlinkingkeywords">जंतर-मंतर</a> पहुंचने और दूसरे की संपत्ति में प्रवेश करने के मामले में जांच कर रही है. माना जा रहा है कि इन्हें मामलों में उनसे पूछताछ होगी. इससे पहले अक्टूबर में भी दिल्ली पुलिस ने CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रंका को समन भेजा था. हालांकि, वे उस समय पेश नहीं हुए और बाद में पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच के सामने हाजिर होने के वास्ते और समय मांगा.</p>
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<p dir="ltr" lang="en">#WATCH | Delhi: CJP leaders Saurabh Das and Ashutosh Ranka reach the Crime Branch office in Rajouri Garden after they were summoned by the agency to join the investigation. https://t.co/O4RcJJM4qy</p>
&mdash; ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2118219414239883467?ref_src=twsrc%5Etfw">November 5, 2026</a></blockquote>
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<p style="text-align: justify;"><strong>विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले क्राइम ब्रांच को सौंपे गए</strong></p>
<p style="text-align: justify;">CJP नेताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले अक्टूबर में क्राइम ब्रांच को सौंप दिए गए. ये मामले 13 अक्टूबर की उस घटना से जुड़े हैं, जब CJP नेता दास, रंका और अजिंक्य शिंदे 11 अन्य लोगों के साथ जंतर-मंतर में घुस गए थे. दिल्ली पुलिस ने इन सभी को हिरासत में ले लिया था. शिंदे को शांति बनाए रखने के लिए एक बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया, जबकि दास और रंका एक हफ्ते तक न्यायिक हिरासत में रहे. हालांकि, बाद में दास और रंका को &nbsp;21 अक्टूबर को 50-50 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड पर रिहा किया गया. इसके लिए उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने लिखित बयान देने पड़े. दास और रंका ने भरोसा दिलाया कि वे शांति बनाए रखेंगे और जंतर-मंतर पर तब तक विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे, जब तक कि कानून के अनुसार इस जगह को फिर से विरोध-प्रदर्शन के लिए अधिकृत नहीं कर दिया जाता.</p>
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Source Credit: abplive.com
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