अमेठी की नीतू बनीं आत्मनिर्भर, गांव की महिलाओं को भी दिखा रहीं नई राह
Uttar Pradesh 07 Oct 2026, 01:27 PM

अमेठी की नीतू बनीं आत्मनिर्भर, गांव की महिलाओं को भी दिखा रहीं नई राह

ABP News
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<p style="text-align: justify;">उत्तर प्रदेश के अमेठी विकासखंड के ग्राम नरैनी निवासी नीतू की कहानी ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की मिसाल पेश करती है. कभी उनका पूरा समय घर-परिवार और बच्चों की देखभाल में गुजरता था. परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत मजबूत नहीं थी और सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाना उनके लिए आसान नहीं था. </p>
<p style="text-align: justify;">आज वही नीतू न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सक्षम हैं, बल्कि गांव-गांव और घर-घर जाकर दूसरी महिलाओं को भी जागरूक और सशक्त बनाने का काम कर रही हैं.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong><span style="color: #e03e2d;"><a style="color: #e03e2d;" title="शिवपाल यादव का दावा, 'BJP सरकार की उल्टी गिनती शुरू, INDIA गठबंधन...'" href="https://www.abplive.com/states/up-uk/shivpal-yadav-samajwadi-party-said-bjp-govt-countdown-begins-also-claimed-india-alliance-will-come-in-up-election-2027-3198504" target="_blank" rel="noopener">यह भी पढ़ें: शिवपाल यादव का दावा, 'BJP सरकार की उल्टी गिनती शुरू, INDIA गठबंधन...'</a></span></strong></p>
<h3 style="text-align: justify;">एनआरएलएम से जुड़ने के बाद आया बदलाव</h3>
<p style="text-align: justify;">नीतू ने बताया कि उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव तब आया, जब वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं. समूह से जुड़ने के बाद उन्हें नियमित बचत, आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी मिलने लगी. समूह की बैठकों, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा किया. </p>
<p style="text-align: justify;">नीतू बताती हैं कि पहले उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के लिए कितने अवसर उपलब्ध हैं. स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल योजनाओं की जानकारी मिली, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का रास्ता भी मिला.</p>
<h3 style="text-align: justify;">महिलाओं को योजनाओं से जोड़ने में जुटीं</h3>
<p style="text-align: justify;">समूह से जुड़ने के बाद नीतू ने अपनी भूमिका को केवल व्यक्तिगत आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं रखा. वह गांव-गांव जाकर महिलाओं से संपर्क करती हैं और उन्हें सरकारी एवं गैर सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देती हैं. महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ने, योजनाओं का लाभ लेने तथा स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं. </p>
<p style="text-align: justify;">वह महिलाओं को यह समझाने का प्रयास करती हैं कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए केवल सरकारी सहायता पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है, बल्कि समूह के माध्यम से सामूहिक प्रयास और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर अपनी आय का साधन तैयार किया जा सकता है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">30 से 40 हजार रुपये तक पहुंची आय</h3>
<p style="text-align: justify;">नीतू की मेहनत और प्रयासों का असर उनकी आर्थिक स्थिति पर भी दिखाई दे रहा है. आज वह करीब 30 से 40 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं. आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद उन्होंने परिवार की जरूरतों को पूरा करने में अपने पति का भी सहयोग किया. नीतू ने अपने पति को आर्थिक सहायता देकर दुकान खुलवाने में मदद किया. इससे परिवार के लिए आय का एक अतिरिक्त साधन तैयार हुआ. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही नीतू का आत्मविश्वास भी बढ़ा.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आर्थिक आत्मनिर्भरता से बढ़ा सामाजिक सम्मान</h3>
<p style="text-align: justify;">नीतू के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता केवल आमदनी बढ़ने तक सीमित नहीं रही. इससे उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई. पहले जो महिला परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित थी, आज वही ग्रामीण क्षेत्र में दूसरी महिलाओं के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभा रही हैं. नीतू का मानना है कि महिलाओं को यदि उचित अवसर, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिले तो वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही गांव और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">अमेठी में महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल</h3>
<p style="text-align: justify;">जनपद अमेठी में जिलाधिकारी शशांक चौधरी के मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. एनआरएलएम के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने, स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम किया जा रहा है. </p>
<p style="text-align: justify;">नीतू की सफलता इसी प्रयास का एक प्रेरणादायी उदाहरण है. उनका जीवन यह दिखाता है कि सही दिशा में अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपनी परिस्थितियों को बदलने के साथ ही दूसरी महिलाओं के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं.</p>
<h3 style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री और अधिकारियों के प्रति जताया आभार</h3>
<p style="text-align: justify;">नीतू अपनी सफलता के लिए मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी अमेठी तथा एनआरएलएम के अधिकारियों और पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करती हैं. उनका कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिला. समूह के माध्यम से मिली जानकारी, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन किया.</p>
<h3 style="text-align: justify;">दूसरी महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा</h3>
<p style="text-align: justify;">नीतू की कहानी आज ग्रामीण क्षेत्र की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो परिवार की जिम्मेदारियों के कारण अपनी क्षमता को पहचान नहीं पातीं. नीतू ने साबित किया है कि आत्मविश्वास और अवसर के साथ महिलाएं परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ समाज में भी अपनी अलग पहचान बना सकती हैं. उनकी पहल गांव की अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित कर रही है.</p>
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Source Credit: abplive.com
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