Aaj Ka Panchang 9 October 2026: आज चतुर्दशी श्राद्ध, रात 9:35 बजे शुरू होगी अमावस्या
09 Oct 2026, 09:22 AM

Aaj Ka Panchang 9 October 2026: आज चतुर्दशी श्राद्ध, रात 9:35 बजे शुरू होगी अमावस्या

ABP News
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<p style="text-align: justify;"><strong>Aaj Ka Panchang 9 October 2026:</strong> आज शुक्रवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी है. आज चतुर्दशी श्राद्ध किया जाएगा. रात 9:35 बजे अमावस्या शुरू होगी, लेकिन सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध 10 अक्टूबर को होगा. इसलिए केवल अमावस्या शुरू होने का समय देखकर आज रात श्राद्ध का निर्णय न लें.</p>
<p style="text-align: justify;">आज एक और बात समझना जरूरी है. चतुर्दशी श्राद्ध का निर्णय सिर्फ पूर्वज की मृत्यु तिथि से नहीं होता, मृत्यु की परिस्थितियों का भी महत्व है. वहीं, शुभ काम की शुरुआत के लिए अभिजीत मुहूर्त देख रहे हैं तो उसके साथ राहुकाल भी जांचें. दोनों के समय का एक हिस्सा आपस में मिल रहा है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का पंचांग एक नजर में</h3>
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<ul>
<li style="text-align: justify;">वार- शुक्रवार</li>
<li style="text-align: justify;">पूर्णिमांत मास- आश्विन</li>
<li style="text-align: justify;">अमांत मास- भाद्रपद</li>
<li style="text-align: justify;">पक्ष- कृष्ण पक्ष</li>
<li style="text-align: justify;">तिथि- चतुर्दशी, रात 9:35 बजे तक; फिर अमावस्या</li>
<li style="text-align: justify;">नक्षत्र- उत्तराफाल्गुनी, रात 9:19 बजे तक; फिर हस्त</li>
<li style="text-align: justify;">योग- ब्रह्म, रात 11:21 बजे तक; फिर इंद्र</li>
<li style="text-align: justify;">सूर्य और चंद्र- राशि कन्या</li>
<li style="text-align: justify;">सूर्योदय- सुबह 6:18 बजे</li>
<li style="text-align: justify;">सूर्यास्त- शाम 5:58 बजे</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">यहां इस बात का विशेष ध्यान रखें कि तिथि, नक्षत्र और योग के परिवर्तन Hindu Panchang के अनुसार हैं. दिल्ली-NCR के सूर्योदय और सूर्यास्त का मिलान स्थानीय पंचांग गणना से किया गया है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">चतुर्दशी श्राद्ध आज किनके लिए है?</h3>
<p style="text-align: justify;">चतुर्दशी श्राद्ध को 'घात चतुर्दशी' भी कहा जाता है. Hindu Panchang में दिए निर्णय के अनुसार, यह दिन दुर्घटना, शस्त्राघात या हिंसा जैसी परिस्थितियों में हुई मृत्यु वाले परिजनों के श्राद्ध के लिए निर्धारित है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसी विवरण में सामान्य मृत्यु वाले परिजनों का चतुर्दशी श्राद्ध अमावस्या पर करने का निर्देश है. इसलिए 'मृत्यु चतुर्दशी को हुई थी, तो श्राद्ध भी आज ही होगा' वाला निष्कर्ष हर मामले में सही नहीं है. अपने परिवार की परंपरा और मृत्यु की परिस्थितियां बताकर पुरोहित से निर्णय लें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">अमावस्या आज रात है, फिर सर्वपितृ श्राद्ध कल क्यों?</h3>
<p style="text-align: justify;">अमावस्या तिथि 9 अक्टूबर की रात 9:35 बजे शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे तक रहेगी. सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर, शनिवार को है.</p>
<p style="text-align: justify;">इसका कारण श्राद्ध के लिए दिन का चयन है. पितृ पक्ष के श्राद्ध में अपराह्न, यानी दोपहर के बाद के समय में तिथि की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है. 9 अक्टूबर के अपराह्न में चतुर्दशी रहेगी. अमावस्या उस रात शुरू होगी और 10 अक्टूबर के अपराह्न में उपलब्ध होगी. इसी आधार पर सर्वपितृ श्राद्ध अगले दिन किया जाएगा.</p>
<p style="text-align: justify;">जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि मालूम नहीं है या जिनका निर्धारित तिथि पर श्राद्ध छूट गया है, उनके लिए भी सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध का विधान बताया गया है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज दिन में कब बदलेगा पंचांग?</h3>
<p style="text-align: justify;">- रात 9:19 बजे: उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र समाप्त होगा और हस्त शुरू होगा.<br />- रात 9:35 बजे: चतुर्दशी समाप्त होकर अमावस्या लगेगी.<br />- रात 11:21 बजे: ब्रह्म योग के बाद इंद्र योग शुरू होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा. नक्षत्र बदलने का अर्थ चंद्र राशि बदलना नहीं है. आज रात उत्तराफाल्गुनी से हस्त में प्रवेश के बाद भी चंद्रमा की राशि कन्या ही रहेगी.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज शुभ काम कब करें?</h3>
<p style="text-align: justify;">दिल्ली-NCR में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:45 से दोपहर 12:32 बजे तक है. लेकिन राहुकाल सुबह 10:41 से दोपहर 12:08 बजे तक रहेगा. यहां स्थानीय गणना के समय निकटतम मिनट तक दिए गए हैं.</p>
<p style="text-align: justify;">इसलिए पूरे अभिजीत मुहूर्त को बिना दूसरी स्थितियां देखे शुभ काम की शुरुआत के लिए उपयुक्त बताना सही नहीं होगा. विवाह, गृह प्रवेश या दूसरे बड़े संस्कारों के लिए दिन की सामान्य तालिका पर्याप्त नहीं है.</p>
<p style="text-align: justify;">श्राद्ध का निर्णय भी अभिजीत मुहूर्त देखकर नहीं करें. इसके लिए संबंधित तिथि और श्राद्ध के निर्धारित काल का महत्व है.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज का राहुकाल और अन्य समय</h3>
<p style="text-align: justify;">राहुकाल- सुबह 10:41 से दोपहर 12:08 बजे <br />यमगण्ड- दोपहर 3:03 से शाम 4:31 बजे <br />गुलिक काल- सुबह 7:46 से 9:13 बजे <br />दुर्मुहूर्त सुबह- 8:38 से 9:25 बजे <br />दूसरा दुर्मुहूर्त- दोपहर 12:32 से 1:18 बजे</p>
<p style="text-align: justify;">ये सभी समय स्थानीय पंचांग के अनुसार हैं. राहुकाल का मतलब सिर्फ नए शुभ काम को टालना है. इसका मतलब यह कतई नहीं है कि आप अपनी रोज की पूजा या जरूरी काम रोक दें.</p>
<h3 style="text-align: justify;">आज की 3 जरूरी बातें</h3>
<p style="text-align: justify;">1. चतुर्दशी श्राद्ध में मृत्यु की परिस्थितियों के अनुसार निर्णय करें.<br />2. अमावस्या आज रात शुरू होगी, सर्वपितृ श्राद्ध 10 अक्टूबर को है.<br />3. अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का कुछ समय एक साथ पड़ रहा है.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>
Source Credit: abplive.com
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